सनी देओल अपने समय के सुपरस्टार रहे हैं। रोमांटिक फिल्म से करियर शुरु करने वाले सनी की इमेज एक्शन और एक गुस्सैल हीरो की बन गई। सनी देओल की पहचान बॉलीवुड के सबसे बड़े एक्शन हीरो के तौर पर होती है शायद तभी दर्शक उन्हें यमला पगला दीवाना में कुछ खास पसंद नहीं कर पाए लेकिन 1 दिन पहले ही रिलीज हुई फिल्म 'भैयाजी सुपरस्टार' में सनी पाजी को फैंस कितना पसंद करते हैं ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
सनी देओल बॉलीवुड के उन सुपरस्टार्स में से हैं जिन्हें 90 के दौर में एक्शन करते देख ऑडियंस पागल हो जाती थी। थियेटर में बैठे लोग तालिया पीटने पर मजबूर हो जाते थे। लेकिन क्या आप जानते हैं? अपने 35 साल के फिल्मी करियर में सनी देओल ने 1 भी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी है। जीहां सुनने में थोड़ अजीब जरूर लग रहा है लेकिन सच है।
सनी देओल का कहना है कि इतने सालों के करियर में उन्होंने अपनी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट को पढ़ा नहीं है। दरअसल सनी कोई स्क्रिप्ट खुद पढ़ने के बजाए उसे लेखक से सुनना ही पसंद करते हैं। उन्होंने कहा- मैं बहुत ही सहजभाव वाला शख्स हूं। मैं एक आइडिया सुनता हूं, उसके बारे में सोचता हूं.. अगर वह मुझे पसंद आया तो तुरंत उसपर काम शुरू कर देता हूं। मैं उसकी गहराई में नहीं जाता।
फिल्म 'बेताब' से 1983 से बॉलीवुड में शुरुआत करने वाले सनी देओल मीडिया की बदौलत एक्शन हीरो बन गए। सनी बताते हैं, 'मेरी एक्शन एक्ट वाली इमेज की वजह से फिल्म इंडस्ट्री के निर्देशक मुझे वैसा ही रोल ऑफर करने लगे। इतना ही नहीं सनी ने ये भी कहा था कि इस दौर में सुपरहिट एक्ट्रेसेस भी उनके साथ काम करने से कतराती थीं क्योंकि उन्हें अपनी इमेज का खतरा होता था।
सनी देओल का कहना है कि मेरे करियर का सबसे मुश्किल दौर 'गदर' के बाद शुरू हुआ। फिल्म इतनी बड़ी हिट थी कि मुश्किलें आ गई। फिल्म के बाद मुझे लेकर लोगों की अपेक्षाएं बहुत बढ़ गईं, मगर मैंने उन चुनौतियों को भी पार किया। भैयाजी सुपरस्टार से पहले सनी मोहल्ला अस्सी में भी नजर आए। मोहल्ला अस्सी सात साल के लंबे इंतजार के बाद रिलीज हो सकी, जिसका खासा असर इसके बॉक्स ऑफिस नतीजे पर पड़ा है।