ईशा देओल के बर्थडे पर हम आपको एक ऐसा वाक्या बताने जा रहे हैं, जब निराशा के दौर में पहुंचे
सन्नी देयोल-बॉबी देयोल के होठों पर मुस्कान बिखेर दी थी।
दरअसल, ये उन दिनों की बात है कि जब सनी देओल की फिल्म 'घायल वंस अगेन' रिलीज हुई थी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शुरुआत तो अच्छी की लेकिन बड़ी कमाई फिल्म नहीं कर सकी। इस फिल्म से सनी को बहुत उम्मीदें थी, जो धरी की धरी रह गईं।
उधर, बॉबी देओल का करियर भी उन दिनों लगभग खत्म हो चुका है। बॉबी के पास कई सालों से कोई फिल्म नहीं है, हाल ही में उन्हें एक फिल्म 'चंगेज' मिली भी तो फाइनेंसर नहीं मिले और फिल्म बंद हो गई। सनी देओल चाहते थे कि अपने बेटे करन को फिल्मों में लेकर आएं।
सनी खुद ही बेटे को लेकर फिल्म बनाना चाहते हैं लेकिन मुश्किल ये थी कि बॉबी को कैसे नजरअंदाज करें। इशा देओल के पास भी काफी समय से कोई फिल्म नहीं थी। शादी के बाद तो उनका करियर खत्म ही हो गया था।
दरअसल ईशा देओल देश के युवाओं को कुछ खास सबक देने वाली थीं। उन्हें भारत में हैंडबॉल को बढ़ावा देने के लिए ब्रांड एबेंसडर चुना गया था। सनी देओल छोटी बहन की इस नई भूमिका से बहुत खुश हैं। खैर, बॉबी के करियर से परेशान सनी के लिए बहन तो कम से कम खुशियां लेकर आईं।