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B'Day Spl: बस कंडक्टर से उम्दा अभिनेता बनने तक, कुछ यूं रहा सुनील दत्त का सफर
Tue, 06 Jun 2017 09:28 AM IST
amarujala.com- Presented by: आकांक्षा सिंह
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Updated Tue, 06 Jun 2017 09:28 AM IST
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सुनील दत्त
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पुराने जमाने के मशहूर अभिनेता और संजय दत्त के पिता सुनील दत्त का आज जन्मदिन है। 6 जून 1928 को झेलम प्रांत में जन्में सुनील दत्त की असल जिंदगी भी फिल्मों की स्क्रिप्ट जैसी ही रही। उन्होंने न ही सिर्फ बंटवारे का दर्द झेला बल्कि अपनों से जुदा होने का गम भी देखा।
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सुनील दत्त
सुनील दत्त ने 5 साल की उम्र में अपने पिता को खो दिया। इसके बाद उनका पूरा परिवार भारत आ गया। सुनील दत्त ने जिंदगी के कई साल हरियाणा में बिताए। एक्टर बनने का सपना लिए सुनील दत्त साल 1955 में बंबई आ गए लेकिन बंबई में जिंदगी तब इतनी आसान कहां थी। अपना गुजारा करने के लिए सुनील दत्त ने बस कंडक्टर की नौकरी पकड़ ली। वह बंबई में नाई और टेलर के साथ रहा करते थे।
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सुनील दत्त
सुनील दत्त ने इसके बाद रेडियो सिलोन में काम करना शुरू किया। यही वो जगह थी जहां उनकी मुलाकात उनकी पत्नी नरगिस से हुई थी। सुनील नरगिस के काफी बड़े फैन थे। उन्हें नरगिस का इंटरव्यू लेना था लेकिन जैसै ही नरगिस उनके सामने आईं सुनील सबकुछ भूल गए। नरगिस के सामने उनके मुंह से एक शब्द नहीं मिला जिसके बाद इंटरव्यू कैंसिल करना पड़ा।
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सुनील दत्त
सुनील दत्त ने अपने करियर की शुरूआत फिल्म 'रेलवे स्टेशन' से की थी लेकिन इससे उन्हें कोई खास सफलता नहीं मिली। उनके करियर में मील का पत्थर साबित हुई फिल्म 'मदर इंडिया' जिसमें नरगिस ने उनकी मां का रोल निभाया था। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान नरगिस को सुनील दत्त सो मोहब्बत हुई थी। हुआ यूं था कि एक सीन के दौरान सेट पर आग लग गई थी और नरगिस उसमें फंस गईं। सुनील की आंखों के सामने उनकी मोहब्बत तकलीफ में थी। वो एक हीरो की तरह आग में कूदे और नरगिस की जान बचाई।
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सुनील दत्त
नरगिस उस वक्त राज कपूर से अपने रिश्ते के टूटने का गम मना रही थीं। ऐसे में सुनील की इस बहादुरी ने उनका दिल जीत लिया। दोनों ने फिल्म की रिलीज के अगले ही साल 1958 में शादी कर ली। शादी के बाद ही सुनील दत्त का फिल्मों में सुनहरा दौर शुरू हुआ। उन्होंने 'सुजाता' और 'साधना' जैसी बेहतरीन फिल्मों में काम किया।
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