बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की पहचान सिर्फ एक एक्टर के तौर पर ही नहीं की जाती है बल्कि अब वो गरीबों के मसीहा बन चुके हैं। जब कोरोना महामारी में गरीबों को अपने घर जाना मुश्किल हो गया था तब सड़क पर उतरकर सोनू सूद ने हजारों मजदूरों को उनके घर पहुंचाया था। इसके बाद भी सोनू रुके नहीं और अभी तक वो लोगों की मदद करते नजर आ रहे हैं। हाल ही में सोनू ने इसे लेकर बहुत खास बात कही है।
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सोनू सूद
- फोटो : Instagram
एक कार्यक्रम में सोनू सूद ने कहा कि, 'मैंने फिल्मों में बहुत से खास किरदार निभाए हैं ,लेकिन कोरोना महामारी के दौरान मैंने अपनी जिंदगी का सबसे खास किरदार निभाया। इस किरदार का निर्देशन ऊपरवाला कर रहा था। मैं भगवान को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे सही समय पर जगा दिया'।
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सोनू सूद
- फोटो : instagram/colorstv
पैनडेमिक पर बात करते हुए सोनू सूद ने कहा कि, 'जब इसकी शुरूआत हुई तो मुझे लगा कि हम सबको कुछ करना चाहिए, लेकिन मुझे पता नहीं था कि क्या करना सही होगा। मुझे याद है कि सबसे पहले थाने में काम करने वाले 350 मजदूरों ने मुझसे 10 दिन के लिए खाना मांगा था क्योंकि वो पैदल चलकर कर्नाटक अपने घर जाना चाहते थे'। इसके बाद सोनू प्राधिकारी के पास पहुंचे, उनसे अनुमति ली और फिर ऐसे लोगों के लिए वाहन का इंतजाम किया।
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सोनू सूद
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सोनू सूद ने बताया कि, 'फिर मुझे एहसास हुआ कि ऐसे एक दो नहीं बल्कि लाखों लोग हैं जो इस महामारी के चलते अपने घरों से दूर फंस गए है। ऐसे में धीरे धीरे एक दूसरे से जुड़ते हुए हमने मजदूरों को उनके घर पहुंचाया। मैंने और मेरे साथियों ने एक ट्रोल फ्री नंबर बनाया और एक घंटे के अंदर हमें करीब 1 लाख लोगों के मदद के लिए फोन आया। इतना ही नहीं मुझे ढेरों मेल आ रहे थे। मेरा फोन हर समय बज रहा था। मैंने अपनी सेक्रेटरी से कह दिया था कि कोई भी मेल या फोन छूटना नहीं चाहिए'।
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सोनू सूद
- फोटो : Social Media
आगे सोनू ने कहा कि, 'हमने करीब 7.26 लाख लोगों को उनके घर पहुंचाया। इन मजदूरों के चलते ही हमें बहुत सी सुविधाएं मिलती हैं, इसलिए ये ही हमारे असली हीरो हैं। उन्हें घर पहुंचाना मेरी जिंदगी का सबसे सुखद एहसास था'। सोनू ने कहा कि मजदूरों के घर पहुंचाने के बाद उन छात्रों के मदद के फोन आने लगे जो विदेश में फंसे हुए थे। इसके बाद हमने उज्बेकिस्तान, कजाकस्तान, जॉर्जिया, रसिया और फिलीपींस जैसी जगहों से करीब साढ़े 14 हजार छात्रों को बाहर निकाला।