मिथुन चक्रवर्ती वाकई एक करिश्माई कलाकार हैं। वो चार दशकों से बॉलीवुड में हैं और इस दौरान उन्होंने 300 से भी ज्यादा फिल्में कीं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि अपने पूरे करियर में मिथुन को तीन तीन नेशनल अवॉर्ड मिले, बावजूद इसके उनकी कई फिल्में फ्लॉप रहीं।
पहली ही फिल्म 'मृगया' के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया वहीं इसके बाद उनकी दो और फिल्मों 'तहादर कथा' (1992) और 'स्वामी विवेकानंद' (1998) के लिए नेशनल अवॉर्ड दिया गया।
तीन नेशनल अवॉर्ड जीत चुके मिथुन चक्रवर्ती को इन फिल्मों ने बनाया 'भयानक', 'रावण' और जल्लाद
लेकिन ताज्जुब की बात है कि इतने प्रतिष्ठित सम्मान के बावजूद भी मिथुन चक्रवर्ती के खाते में 200 फ्लॉप फिल्मों से भी ज्यादा का रिकॉर्ड दर्ज है जबकि अपने चार दशक के करियर में उन्होंने तकरीबन 347 फिल्में की हैं। उनकी कुछ फिल्में तो ऐसी रहीं जिनकी वजह से उन्हें 'बी-ग्रेड फिल्मों का राजा' कहा जाने लगा। ऐसी फिल्मों में 'भयानक', 'रावण' और 'जल्लाद' जैसी फिल्में शामिल हैं।
तीन नेशनल अवॉर्ड जीत चुके मिथुन चक्रवर्ती को इन फिल्मों ने बनाया 'भयानक', 'रावण' और जल्लाद
मिथुन चक्रवर्ती एक ऐसे एक्टर रहे हैं जिन्होंने एक साथ कई फिल्में कीं, कुछ उसी तरह जिस तरह आज अक्षय कुमार करते हैं। लेकिन एक ही वक्त पर ज्यादा फिल्म करने के चक्कर में मिथुन ने कई ऐसी फिल्में भी की जो जबरदस्त फ्लॉप रहीं और उनके करियर को भी डांवाडोल कर दिया। 'टैक्सी चोर', 'मेरा रक्षक', 'सुरक्षा' और 'तराना' जैसी फिल्में शामिल हैं।
तीन नेशनल अवॉर्ड जीत चुके मिथुन चक्रवर्ती को इन फिल्मों ने बनाया 'भयानक', 'रावण' और जल्लाद
80 का दशक पूरी तरह से मिथुन चक्रवर्ती के नाम रहा। इस दौरान उन्होंने कई हिट फिल्में दीं और अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया। लेकिन कुछ फ्लॉप फिल्में इस दशक में भी उनके खाते में जुड़ीं। 'घमंडी', 'मैं और मेरा हाथी', 'समीरा', 'धुआं', 'साहस', 'लापरवाह' जैसी कई फिल्में रहीं जो नहीं चलीं।
तीन नेशनल अवॉर्ड जीत चुके मिथुन चक्रवर्ती को इन फिल्मों ने बनाया 'भयानक', 'रावण' और जल्लाद
हालांकि इसी दौर में आई फिल्म 'डिस्को डांसर' ने मिथुन के करियर को नई ऊंचाईयां दी। ताज्जुब की बात है कि लगातार कई फिल्मों के फ्लॉप होने के बावजूद भी मिथुन को फिल्में मिलती रहीं और वो उसी तल्लीनता के साथ काम करते रहे।