मशहूर गायक उदित नारायण के बेटे आदित्य की घुट्टी में संगीत में मिला है। 35 साल के हो गए आदित्य नारायण 30 साल से गाने गा रहे हैं। टेलीविजन शो ‘इंडियन आयडल’ के 13वें सीजन के वह फिर से होस्ट बने हैं। हाल ही में रिलीज हुई रणबीर कपूर की फिल्म 'शमशेरा' में अपने गाने को वह एक बड़ी उपलब्धि मानते हैं। वह कहते भी हैं, 'हम सब बचपन से यशराज फिल्म्स का सिनेमा देखकर बड़े हुए हैं। यशराज फिल्म्स की किसी पिक्चर के लिए गाना मेरा भी सपना था। फिल्म ‘शमशेरा’ के साथ वह पूरा हो गया।’ आदित्य नारायण का मानना है कि समय के साथ साथ हिंदी फिल्मों का संगीत भी बदल रहा है। बस लोगों के पास अब गाने सुनने का समय नहीं है। वह इस बात पर भी जोर देकर कहते हैं कि मनोरंजन जगत में आने वाले गायकों के पास मौजूदा दौर में काम की कमी नहीं है और फिल्मों में गाकर मिलने वाले पैसे से कहीं ज्यादा रकम आज के गायक स्टेज शोज से कमा रहे हैं। उनसे एक खास बातचीत...
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आदित्य नारायण
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
नए जमाने के नए संगीत को लेकर आपका क्या मानना है?
मेरा यही कहना है कि नए दौर में फिल्मों के गानों के अलावा भी बहुत सारे गायक और संगीतकार अपने गाने निकाल रहे है। अभी दुनिया बहुत बड़ी हो गई है। इंडस्ट्री भी बहुत बड़ी हो गई है। अभी वो समय गया जब उदित नारायण, कुमार सानू और अलका याग्निक जैसे गायक ही गीत गाते थे। अब माहौल पूरी तरह से बदल गया है अब अलग अलग तरह की ऑडियंस हो गयी है। हर ऑडियंस की अपनी अपनी पसंद है। आज जितने बड़े जुबिन नौटियाल हैं, उतने ही बड़े दूसरे गायक जैसे फैजल, सलमान अली और प्रतीक कुहाड़ भी हैं।
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आदित्य नारायण
- फोटो : Instagram @adityanarayanofficial
लेकिन पहले के गानों की जो शेल्फ लाइफ होती है, वह अब नहीं दिखती। आपके पिता के गाने अब भी लोग गुनगुनाते हैं, 20 साल बाद लोगों को आपका कौन सा गाना याद रह जाएगा?
मैं जो भी काम करता हूं, पूरी ईमानदारी से करता हूं। मैं उन म्यूजिशियन में से नहीं हूं जो बहुत सारे गाने गाते हैं। बहुत सारा काम करते हैं। मैं सिर्फ गिने चुने ही काम करता हूं, जो भी गाता हूं उस पर बहुत ही मेरा फोकस होता है। अभी 35 साल की उम्र में यह बोलना बहुत मुश्किल है कि कौन सा गाना याद किया जाएगा। मुझे लगता है कि मेरा बेहतर काम अभी आना बाकी है। मेरे पिताजी ने 34 साल की उम्र में पहला हिट गाना ‘कयामत से कयामत तक’ के लिए गाया था। मैं अपने आपको बहुत खुशनसीब समझता हूं कि इतनी उम्र में इतना सारा काम मैंने कर लिया है।
फिर भी कोई तो गाना होगा जो दिल के बहुत करीब हो?
मेरी पहली फिल्म बतौर लीड एक्टर 'शापित' थी। उस फिल्म का गीत ‘तेरे बिना’ मुझे बहुत ही स्पेशल लगता है। उस फिल्म की मेरी जो कोस्टार श्वेता अग्रवाल अब मेरी बीवी हैं। हमारी एक प्यारी सी बेटी है। मेरी जिंदगी में श्वेता की बहुत अहमियत है। और, उस फिल्म के गीत की भी। इसके अलावा 'रामलीला' फिल्म में मैंने रणवीर सिंह के लिए 'ततड़ ततड़' गया था। यह गाना मेरे करियर में मील का पत्थर साबित हुआ। 'शमशेरा' का गीत 'जी हुजूर' भी मेरे लिए बहुत खास है।
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अपने पिता उदित नारायण के साथ आदित्य
- फोटो : Instagram @adityanarayanofficial
और, अपने पिताजी के पसंदीदा गानों के बारे में क्या कहेंगे?
मेरा पापा एक इंस्टीट्यट हैं। मैं उनका सबसे बड़ा फैन भी हूं। वह अपने दौर के इकलौते गायक हैं जो अब भी गा ही रहे हैं। उनकी फिल्म ‘क़यामत से कयामत तक’ के सारे गाने मुझे बेहद पसंद है। पापा ने ए आर रहमान के साथ बहुत अच्छा काम किया है। फिल्म ’दिल से’ का गीत ‘ऐ अजनबी’, फिल्म 'लगान' के सारे गाने बेमिसाल हैं। इनके अलावा ‘कुछ कुछ होता है’, ‘दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘वीर जारा’ जैसी तमाम फिल्मों के गीत मेरे बहुत ही फेवरेट गीत हैं।