साउथ फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस विजयलक्ष्मी वदलापति जिन्हें फिल्मी दुनिया में सिल्क स्मिता के नाम से भी जाना जाता था। दक्षिण भारतीय सिनेमा में 1970 के दशक के आखिर से 1990 के शुरू तक सिल्क स्मिता का जादू दर्शकों के सिर चढ़ कर बोलता था। लोग सिल्क की बी-ग्रेड मूवीज को देखने के लिए टिकट खिड़की पर टूट पड़ते थे लेकिन सिल्क को अपने जीते जी वो इज्जत कभी नहीं मिल सकी जो उनकी मौत के बाद बनी फिल्मों को मिली।
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सिल्क स्मिता
- फोटो : SELF
एक गरीब परिवार में जन्मी विजयलक्ष्मी ने आर्थिक तंगी के कारण स्कूल छोड़ कर घर की जिम्मेदारी उठा ली। या यूं कहें कि उनपर ये जिम्मेदारी डाल दी गई। कम उम्र में ही उनकी शादी कर दी गई। ससुराल के कायदे कानून ने लक्ष्मी की जिंदगी को और दूभर कर दिया। उन्होंने अपना घर छोड़ दिया और मेकअप आर्टिस्ट बन गईं।
बहुत जल्द लक्ष्मी को छोटे मोटे रोल मिलने लगे और उनका नाम विजयलक्ष्मी से बदलकर स्मिता हो गया। फिल्मों में अपनी पहचान तलाशती विजयलक्ष्मी 80 के दशक तक एक ही तरह की फिल्में करके परेशान थीं। इसके बाद सिल्क ने कई एडल्ट फिल्मों में काम किया कई डांस नंबर किए। और एक समय ऐसा आया जब सिल्क की बोल्ड इमेज को देखते हुए डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसरों की लाइन लग गई।
सिल्क ने अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जी। लोग चाहे सिल्क के बारे में कोई भी इमेज बनाकर रखते हों सिल्क ने हमेशा वही किया जो उनका दिल करता था। सिल्क ये हमेशा कहती थीं- कुछ लोगों का नाम उनके काम से होता है मेरा बदनाम होकर हुआ श्रीदेवी और कमल हासन की फिल्म सदमा 1983 में जब रिलीज हुई थी तो सिल्क 4 साल में 200 फिल्मों के साथ अपने करियर के टॉप पर थीं। ये सभी फिल्में भारतीय सिनेमा में B और C श्रेणियों में आती हैं।
सिल्क साउथ की फिल्मों में अपने बोल्ड अंदाज के लिए जानी जाती थीं। बता दें कि 35 साल की उम्र में 23 सितम्बर 1996 की सुबह स्मिता अपने चेन्नई के घर में मृत मिली। किसी को नहीं पता चला 22 सितंबर की रात को आखिर ऐसा क्या हुआ कि सिल्क अपनी जान देने पर मजबूर हो गईं।