कंगना रनौत के ऑफिस में बीएमसी की कार्रवाई का मामला उठाते हुए शिवसेना ने मुखपत्र 'सामना' में अभिनेत्री कंगना रनौत पर निशाना साधा है। ‘सामना’ ने अपने लीड खबर के शीर्षक में लिखा है- ‘उखाड़ दिया।’ शिवसेना ने इस शीर्षक के साथ यह जरूर साफ कर दिया है कि कंगना रनौत की चुनौती का जवाब उनके ऑफिस को तोड़ कर दिया गया है।
इस खबर में कंगना के ऑफिस पर बदले की कार्रवाई के तहत चले बुल्डोर के बारे में जानकारी दी गई है। वहीं, खबर में कंगना रनौत द्वारा मुंबई की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से तुलना का भी जिक्र है। इस खबर में कंगना रनौत के दफ्तर पर कोर्ट की रोक के बारे में भी विस्तार से लिखा गया है। इसके अलावा, एनसीपी चीफ शरद पवार की पूरे मामले में टिप्पणी का भी जिक्र है।
बता दें बुधवार को बीएमसी ने कंगना रनौत के बांद्रा स्थित दफ्तर में कथित ‘अवैध हिस्से’ को नष्ट कर दिया था। इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाने का भी आदेश दिया लेकिन तब तक बीएमसी अभिनेत्री के बंगले के अधिकांश भाग को ध्वस्त कर कीमती सम्पत्ति को नुकसान पहुंचा चुकी थी।
कंगना ने बीएमसी की तोड़फोड़ के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील की थी। गुरूवार दोपहर 3 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई होनी थी। हालांकि कोर्ट ने 22 सितंबर तक के लिए सुनवाई टाल दी है। कोर्ट ने कहा है कि कंगना को इस मामले में 14 सितंबर तक दस्तावेज देने होंगे। वहीं कोर्ट ने 18 सितंबर तक बीएमसी को लिखित जवाब देने को कहा है।
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कंगना रनौत और उद्धव ठाकरे
- फोटो : twitter@OfficeofUT, Instagram/kanganaranaut
वहीं दूसरी तरफ कंगना पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने पर एफआईआर दर्ज की गई है। ये एफआईआर मुंबई के विक्रोली थाने में दर्ज हुई है। वकील नीतिन माने ने एफआईआर दर्ज कराते हुए कहा है कि वह कोर्ट में कंगना को घसीटेंगे। चूंकि उद्धव ठाकरे का इस पूरे मामले से कोई लेना देना नहीं है, फिर भी कंगना ने उन्हें इस मामले में घसीटा। एक राज्य के सीएम के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग ठीक नहीं है।