बॉलीवुड इंडस्ट्री में बिकिनी कल्चर को लोकप्रिय बनाने वाली शर्मिला टैगोर का आज जन्मदिन है। आज शर्मिला 72 साल की हो गई हैं। इस उम्र में भी उनका ग्रेस और चार्म खत्म नहीं हुआ है। 60-70 के दशक में शर्मिला ने एक के बाद एक कई शानदार फिल्में दी थीं। फिल्म 'कश्मीर की कली' ने शर्मिला के करियर को बुलंदियों पर पहुंचा दिया था।
Bdy Spcl: 60 के दशक में शर्मिला ने बिकिनी पहन मचाया था तहलका, शादी के लिए कबूल किया था इस्लाम धर्म
शर्मिला का जन्म आंध्र प्रदेश में एक बंगाली परिवार में हुआ था। उनके पिता गितेन्द्रनाथ टैगोर 'टैगोर एल्गिन मिल्स' के ब्रिटिश इंडिया कंपनी के महाप्रबंधक थे। शर्मिला ने अपना फिल्मी करियर की शुरुआत 1959 में सत्यजीत रे की फिल्म 'अपुर संसार' से की थी। शर्मिला ने अपने जीवनसाथी के रूप में मशहूर क्रिकेटर और भारतीय टीम के कप्तान रहे मंसूर अली खान पटौदी को चुना।
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शर्मिला ऐसी पहली हीरोइन थीं जिन्होंने 60 के दशक में बिकिनी पहनकर लोगों को चौंका दिया था। खबरों की मानें तो फिल्म इंडस्ट्री बिकिनी कल्चर को लोकप्रिय बनाने वाली एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर ही थीं। मंसूर अली खान से शर्मिला की पहली मुलाकात उनके कोलकाता स्थित घर पर ही हुई थी। पटौदी अपने किसी दोस्त के साथ वहां किसी कार्यक्रम में गए थे।
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शर्मिला जहां इस डैशिंग नवाब को देखते ही फिदा हो गई थीं वहीं पटौदी शर्मिला की मुस्कान के कायल
थे। एक कॉमन फ्रेंड ने दोनों को मिलवाया। मुलाकातों का सिलसिला बढ़ने लगा। देखते ही देखते दोनों एक-दूसरे काफी करीब आ गए थे। एक तरफ शर्मिला पटौदी खानदान के सख्त विचारों से अनजान थीं तो दूसरी ओर मंसूर को भी फिल्मों में कोई दिलचस्पी नहीं थी।
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फिर भी दोनों का प्यार कम नहीं हुआ। मंसूर ने शर्मिला को प्रपोज करने के लिए उन्हें फ्रिज गिफ्ट किया था। उस समय उपहार के रूप में फ्रिज देना बड़ी बात होती थी। इतना ही नहीं मंसूर शर्मिला को समय-समय पर फूल और खत भी भेजते रहते थे।
मंसूर अली खान को लोग प्यार से टाइगर कहकर भी पुकारते थे। अभी शर्मिला ने टाइगर के प्रपोजल पर हामी नहीं भरी थी। उन्होंने एक मैच के दौरान शर्त रखी कि अगर वो लगातार तीन सिक्सर लगाकर मैच जिता देते हैं तो वो उनसे शादी कर लेंगी। मैच जीतने के लिए 18 रनों की जरूरत थी। फिर क्या था टाइगर ने भी जोर लगाया और शर्मिला को पाने के लिए उन्होंने लगातार तीन सिक्सर जड़ भारत को मैच जिता दिया था। तीन साल के इंतजार के बाद आखिरकार शर्मिला ने पटौदी को शादी के लिए हां बोल दिया। 1 मार्च 1967 में उनकी मंगनी हुई और 27 दिसंबर, 1969 को बाल्व डेर स्टेट कोलकाता में शादी हुई थी।