शम्मी कपूर को 21 अक्तूबर को जन्मदिन होता है। शम्मी कपूर बॉलीवुड का वह चमकता सितारा रहे हैं जिनकी चमक कभी भी फीकी नहीं पड़ी। शम्मी कपूर ने एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दी है, जिसमें कश्मीर की कली, जंगली, तीसरी मंजिल, तुमसा नहीं देखा, जानवर जैसी फिल्में शामिल हैं, जिनके गाने भी चर्चा में रहे। शम्मी कपूर की प्रोफेशनल जिंदगी जितनी जबरदस्त रही उतनी निजी जिंदगी नहीं। पहली पत्नी के निधन के बाद शम्मी कपूर टूट चुके थे। ऐसे में उन्हें दूसरी शादी करनी पड़ी। हालांकि दूसरी शादी करने से पहले उन्होंने अपनी पत्नी के सामने एक शर्त रख दी थी। तो चलिए आपको उस शर्त के बारे में बताते हैं।
शम्मी कपूर का असली नाम शमशेर राज कपूर था। शम्मी कपूर अब भले ही हमारे बीच न हो लेकिन उनकी फिल्में आज भी उनकी यादों को ताजा करती रहती हैं। 50 के दशक में शम्मी कपूर का बॉलीवुड पर राज था। उस वक्त फिल्मों में ज्यादातर स्टार्स डांस करने से भागते थे लेकिन शम्मी का डांस दर्शकों को खूब देखने को मिला। शम्मी हमेशा से ही अपने खास स्टाइल में डांस करते थे। यहां तक कि उन्हें कभी भी कोरियोग्राफर की जरूरत भी नहीं पड़ी। शम्मी कपूर बचपन से ही शरारती थे। उनकी पहली फिल्म 'जीवन ज्योति' साल 1953 में रिलीज हुई थी। फिल्मी बैकग्राउंड से जुड़े होने की वजह से शम्मी पर हमेशा अपने बड़े भाई राजकपूर की नकल करने की बात कही गई। शम्मी को शुरुआती दिनों में काफी मुश्किलों को सामना करना पड़ा। यहां तक कि कई फिल्में लगातार फ्लॉप भी रहीं।
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शम्मी कपूर
- फोटो : file photo
शम्मी कपूर के प्यार की शुरुआत फिल्म 'रंगीन रातें' से हुई। इस फिल्म में उनके साथ एक्ट्रेस गीता बाली थीं जिनसे उन्होंने बहुत जल्द और चुपके-चपके मंदिर में जाकर शादी कर ली थी। इसके बाद शम्मी की किस्मत बदली। साल 1957 में आई फिल्म 'तुमसा नहीं देखा' काफी हिट रही। वहीं, फिल्म 'ब्रह्मचारी' में उनका और एक्टर मुमताज का नाम जोड़ा जाने लगा।
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शम्मी कपूर
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शादी के 10 साल बाद पत्नी गीता बाली का निधन हो गया। पत्नी की मौत के बाद शम्मी पूरी तरह टूट गए थे। इसके साथ ही शम्मी को छोटे-छोटे बच्चों की फ्रिक परेशान करने लगी थी। ऐसे में उनका शरीर भी बढ़ता चला गया और फिल्मी करियर पर भी बड़ा प्रभाव पड़ा। घरवालों ने शम्मी को अकेला देख उनकी इस हालत पर दूसरी शादी करने के लिए मनाया लेकिन शम्मी ने मना कर दिया।
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शम्मी कपूर
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घरवालों के बार-बार मनाने पर शम्मी ने बच्चों को देखते हुए उनकी ये शर्त मान ली। गीता के निधन के चार साल बाद 1969 में उन्होंने नीला देवी से शादी कर ली। लेकिन शम्मी ने नीला के सामने एक शर्त रखी कि वह मां नहीं बनेंगी और गीता के बच्चों को ही पालना पडे़गा। ऐसे में नीला ने भी शम्मी की इस शर्त को दिल से लगा लिया और वह कभी मां नहीं बनीं।