अदाकारा सायरा बानो के कोहिनूर दिलीब साहब उन्हें अकेला छोड़कर दुनिया से चले गए हैं। अगर कभी प्यार की मिसाल दी जाएगी तो अब हीर-रांझा, लैला-मजनू, सोनी-महिवाल के साथ सायरा-दिलीप की मोहब्बत का नाम भी लिया जायेगा। दिलीप साहब की आखिरी सांस तक सायरा उनके साथ रहीं और अब सायरा के आंसू नहीं थम रहे। शाहरुख खान उन्हें संभालते हुए दिखे। अन्य फिल्मी सितारें भी सायरा बानो को हिम्मत बंधाते हुए नजर आए। दिलीप साहब की जब से तबियत बिगड़ी थी, तभी से लगातार सायरा उनकी हेल्थ अपडेट देती रहती थीं और लोगों से दुआ करने को कहती थीं। अब दिलीब साहब दुनिया को छोड़कर चले गए हैं और इसके बाद सायरा बानो का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है।
दिलीप साहब के जाने के बाद सायरा बानो का कहना है कि भगवान ने उनसे उनकी जीने की वजह छीन ली है। दिलीप कुमार का इलाज कर रहे डॉक्टर से सायरा बानो ने कहा, "भगवान ने मेरे जीने की वजह छीन ली...साहब के बिना, मैं कुछ भी नहीं सोच पाउंगी...सब लोग, कृपया प्रार्थना करें।
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सायरा बानो, दिलीप कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
दिलीप कुमार और सायरा बानो की जोड़ी इंडस्ट्री की सबसे पुरानी जोड़ी में से एक है। सायरा बानो ने 1966 में 22 साल की उम्र में दिलीप कुमार से शादी की थी। उस समय दिलीप कुमार 44 साल के थे। सायरा और दिलीप कुमार की लव स्टोरी बहुत फेमस रही है।
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दिलीप कुमार, सायरा बानो
- फोटो : सोशल मीडिया
12 साल की उम्र से सायरा दिलीप साहब को दीवानों की तरह चाहती थीं। जब ये चाहत दिलीप कुमार के सामने आई तब दिलीप कुमार को कुछ समझ नहीं आया क्योंकि दिलीप साहब उस वक्त किसी और के प्यार की गिरफ्त में थे। दो बार प्यार में नाकामयाब रहे दिलीप सायरा में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे। उम्र के फर्क के चलते भी दिलीप इस रिश्ते से कतरा रहे थे लेकिन वह इस बात से अच्छी तरह वाकिफ थे कि सायरा उनसे बेइंतेहा मोहब्बत करती हैं।
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सायरा बानो और दिलीप कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
ये 1966 का साल था। दिलीप कुमार और सायरा बानो ने अपने मोहब्बत के एलान का फैसला कर लिया था। दिलीप कुमार पर वैसे तो देश-विदेश की कई लड़कियां जान छिड़कती थीं, लेकिन उन्हें सायरा बानो पसंद आईं। 23 अगस्त 1966 को सायरा बानो के घर सालगिरह की एक पार्टी में दिलीप कुमार पहुंचे थे और इस दौरान सायरा साड़ी पहनकर तैयार हुई थीं। अगले दिन दिलीप कुमार ने पार्टी के खाने की तारीफ करते हुए सायरा बानो को फोन किया और फिर मुलाकातों का सिलसिला चल पड़ा और ये रिश्ता शादी में बदल गया।
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सायरा बानो और दिलीप कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
शादी के इतने साल बाद भी सायरा और दिलीप कुमार हर मुश्किल घड़ी में साथ रहे। अल्जाइमर से पीड़ित दिलीप साहब का सायरा बानो ने पूरा ख्याल रखा। जिंदगी के हर मोड़ पर दोनों एक-दूसरे के साथ ऐसे खड़े दिखे जैसे पानी में मछली। सायरा बानो के शब्दों में दिलीप साहब उन्हें कायनात से तोहफे में मिले। सायरा बानो हमेशा कहती हैं कि खुदा ने उन्हें दिलीप साहब के रूप में खास तोहफा दिया है।