फिल्मों में खलनायक की भूमिका हीरो से कम नहीं होती। जितना खतरनाक विलेन होगा, फिल्म हिट होने के चांस उतने ही ज्यादा होंगे। बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक में इसी आधार पर विलेन का चुनाव किया जाता है। हमारी हिंदी फिल्मों में कई ऐसे कलाकार रहे हैं जिन्होंने खलनायक की यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। इन्हीं में एक कलाकार थे सदाशिव अमरापुरकर। इनका जन्म 11 मई 1950 को अहमदनगर (महाराष्ट्र) में हुआ था।
सदाशिव ने फिल्म 'सड़क' में खतरनाक विलेन का रोल निभाया था। वो दर्शकों के पसंदीदा खलनायकों में से एक हुआ करते थे। सदाशिव का निधन साल 2014 में फेफड़ों में संक्रमण की बीमारी के चलते हो गया था। लेकिन उनकी अदाकारी को लोग आज भी नहीं भूल पाए हैं।
सदाशिव ने बॉलीवुड के लगभग सभी सुपरस्टार्स के साथ काम किया है। इनमें धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन से लेकर आमिर, संजय दत्त और सलमान खान तक के नाम शामिल हैं। सदाशिव का सबसे यादगार रोल फिल्म 'सड़क' का माना जाता है। इस फिल्म में उन्होंने 'किन्नर' का रोल किया था। जो लोगों ने बहुत पसंद किया था।
सदाशिव को पहला ब्रेक मेकर गोविंद निहलानी ने फिल्म 'अर्द्ध सत्य' में दिया था। हालांकि रोल छोटा था लेकिन उनके किरदार की काफी तारीफ हुई थी। इस फिल्म के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था। इसके बाद विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म खामोश में सदाशिव ने बेहतरीन भूमिका निभाई थी।
अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म आखिरी रास्ता में भी सदाशिव ने बेहतरीन किरदार निभाया था। इसमें सदाशिव निगेटिव किरदार में थे। धर्मेंद्र सदाशिव को अपने लिए काफी लकी मानते थे। वैसे तो सदाशिव ने अपना करियर उन दिनों शुरू किया जब धर्मेंद्र शिखर पर थे।धर्मेंद्र को उनका अंदाज इतना पसंद आया कि सदाशिव उनके पसंदीदा विलेन हो गए। जानकार कहते थे कि धर्मेंद्र उन्हें अपने लिए ‘लकी’ मानने लगे थे। यही कारण है कि सदाशिव अमरापुरकर उनके साथ दो-चार नहीं बल्कि 11 फिल्मों में नजर आए।