सिनेमाई दुनिया में बहुत से ऐसे दिग्गज हुए हैं, जिन्होंने अपने काम से एक अमिट छाप छोड़ी है। इन्हीं में से एक बांग्ला के फिल्मकार ऋत्विक घटक का नाम भी जरूर लिया जाता है। रुपहले पर्दे पर अपनी कहानियों से संवेदनाओं को अमर जीवन देने वाले ऋत्विक घटक की 4 नवंबर को बर्थ एनिवर्सरी होती है। जानते हैं सिनेमा के इस दिग्गज की जिंदगी से जुड़ीं कुछ खास बातें।
2 of 5
ऋत्विक घटक
- फोटो : social media
ऋत्विक घटक एक बेहतरीन निर्माता निर्देशक तो थे ही इसके साथ ही वह मंझे हुए कलाकार और पटकथा लेखन में भी माहिर थे। अपनी फिल्मों से समाज की तल्ख सच्चाई को बयां करने वाले ऋत्विक घटक का जन्म 4 नवंबर साल 1925 में अविभाविजत भारत के ढाका में हुआ था। उन्होंने सिनेमा में अपने करियर की शुरुआत 1957 में ऋषिकेश मुखर्जी के निर्देशन में बनी फिल्म 'मुसाफिर' से की थी। इस फिल्म की स्क्रिप्ट भी उन्हीं के द्वारा लिखी गई थी। इस फिल्म को काफी पसंद किया गया था और यह ऋत्विक घटक के करियर में टर्निंग पॉइंट साबित होने के साथ ऐसी फिल्म भी बनी जिसकी सफलता ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
3 of 5
ऋत्विक घटक
- फोटो : social media
ऋत्विक घटक ने खुद को एक निर्देशक के रूप में तो साबित किया ही था, लेखनी में भी वह हिट थे। साल 1948 में ऋत्विक घटक ने अपना पहला नाटक 'द डार्क लेक' लिखा था और साल 1951 में वह इंडिय पीपल्स थिएटर एसोसिएशन से जुड़ गए। इस दौरान ऋत्विक घटक ने लेखन के साथ निर्देशन की भी कमान संभाली और अभिनय भी किया।
4 of 5
ऋत्विक घटक
- फोटो : social media
निर्देशक अभिनेता ऋत्विक घटक ने ने पुणे के फिल्म एंड टेलिवीजन इंस्ट्यूज ऑफ इंडिया में एक अध्यापक के तौर पर बच्चों को पढ़ाया भी था और इस दौरान 35 मिनट की एक लघु फिल्म बनाई। इसे संयोग कहें कि जाने-माने कॉमेडियन असरानी और मशहूर निर्देशक सुभाष घई ने भी इस फिल्म में अभिनय किया था।
5 of 5
ऋत्विक घटक
- फोटो : social media
ऋत्विक घटक ने भारतीय सिनेमा को बेहतरीन फिल्में दी थीं। उनकी प्रसिद्ध फिल्मों में 'मेघे ढाका तारा'(1960), कोमल गंधार ई फ्लैट (1961), और 'सुवर्णरिखा' (1962) मुख्य थीं। 6 फरवरी 1976 को सिनेमा के इस बहुमूल्य रत्न ने दुनिया को अलविदा कह दिया।