फिल्म 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' की एकट्रेस रत्ना पाठक शाह ने हाल ही में कहा है कि हमारे देश को सेक्स एजुकेशन देने की जरूरत है। क्योंकि यहां लोगों को पता ही नहीं चला कि वो कब लाखों से करोड़ हो गए। फिल्म में रत्ना पाठक 55 साल की विधवा का रोल निभा रही हैं।
रत्ना ने कहा, 'पितृ सत्तात्मकता देश में महिलाओं के लिए ही नहीं पुरुषों के लिए भी अच्छी नहीं है। पितृ सत्ता होने के चलते पुरुषों को वो काम करना पड़ता है जो वो नहीं करना चाहते। उसी तरह महिलाओं को कुछ भी करने से पहले दूसरों से इजाजत लेनी पड़ती है।'
उन्होंने कहा, 'हमारे देश में महिलाओं को आजादी नहीं दी गई है। महिलाएं यहां पैसों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहती हैं। मैंने भी ये सब फेस किया है। लेकिन मैं ये सब कभी रोक नहीं पाई।'
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Lipstick Under My Burkha Pahlaj Nihalani
फिल्म के बारे में बताते हुए रत्ना ने कहा, 'ये चार महिलाओं की कहानी है। इसमें एक 55 साल की महिला की सेक्शुअल लाइफ दिखाई गई है। ये रोल करने से पहले भी मेरे मने में कई सवाल थे। लेकिन अब मुझे मेरे सारे सवालों के जवाब मिल गए हैं।'
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‘लिपस्टिक अंडर माई बुर्का’ को नहीं मिला सेंसर बोर्ड का प्रमाणपत्र
इसके अलावा रत्ना ने ये भी कहा कि भारत में लोगों सेक्स एजुकेशन की जरूरत है। यहां लोग लाखों से करोड़ हो गए। लोग कहते हैं कि यब भगवान की दया से हो गया। इसीलिए अलंकृता श्रीवास्तव ने ये फिल्म बनाई है। इससे लोगों को सही जानकारी मिल पाएगी।