बॉलीवुड और साउथ के सुपरस्टार आर माधवन आज अपना 1 जून को अपना 49वां जन्मदिन मनाएंगे। माधवन का पूरा नाम रंगनाथ माधवन है। माधवन एक्टर के अलावा राइटर, डायरेक्टर और होस्ट भी हैं। फिल्म इंडस्ट्री में अपने दम पर मुकाम हासिल करने वाले माधवन आर्मी ज्वाइन करना चाहते थे। लेकिन अगर वो आर्मी ऑफिसर बन जाते तो दुनिया साउथ के इस क्यूट हीरो को देखने से चूक जाती।
माधवन के पिता टाटा स्टील में मैनेजमेंट एग्जिक्यूटिव थे और मां सरोज बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर। माधवन की एक बहन देविका रंगनाथन भी हैं। देविका यूके में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। माधवन शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहे। उन्हें साल 1988 में अपने स्कूल को कल्चरल एम्बेसडर के तौर पर कनाडा में रिप्रेजेंट करने का अवसर मिला था। इसके अलावा माधवन एनसीसी के बेहतरीन कैडेट भी थे।
उन्हें महाराष्ट्र बेस्ट कैडेट से नवाजा जा चुका है। साथ ही एनसीसीसी कैडेट के तौर पर उन्हें इंग्लैंड जाने का मौका भी मिला था। वहां उन्होंने ब्रिटिश आर्मी, रॉयल नेवी और रॉयल एयरफोर्स से ट्रेनिंग ली। पढ़ाई में अच्छे होने के साथ माधवन अन्य चीजों में भी काफी दिलचस्पी लेते थे। इसके चलते उन्हें कई बार विदेश जाने का मौका मिला। अब हम आपको बताते हैं कि वो हीरो कैसे बन गए?
1996 में माधवन अपना एक पोर्टफोलियो मॉडलिंग एजेंसी में सबमिट कर दिया। उनके क्यूट से फेस और इंप्रेसिव पर्सनालिटी से उन्हें ऐड के ऑफर मिलने लगे। 1996 में माधवन ने सैंडलवुड टॉक ऐड में काम किया। इसके डायरेक्टर संतोष सिवान ने मणिरत्नम् से कहा कि वो अपने अगले प्रोजेक्ट 'इरुवर' में माधवन को कास्ट करें। ये माधवन की पहली फिल्म थी जो सुपरहिट रही।
इसके बाद माधवन ने अपना करियर फिल्म इंडस्ट्री में बनाने की ठान ली। माधवन को फिल्में पाने के लिए ज्यादा स्ट्रगल नहीं करना पड़ा। उनकी एक के बाद एक फिल्में हिट होती गईं और देखते ही देखते वो सुपरस्टार बन गए। 1998 में माधवन ने एक इंग्लिश फिल्म 'इन्फर्नो' में भी काम किया था। इसमें वो इंडियन पुलिस ऑफिसर की भूमिका में नजर आए थे। माधव को हिंदी सिनेमा में पहचान फिल्म 'रहना है तेरे दिल से' मिली।