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हनी त्रेहान: सीबीएफसी की नई गाइडलाइंस पर फूटा 'सतलुज' के निर्देशक का गुस्सा, अभिव्यक्ति की आजादी पर उठाए सवाल
Tue, 03 Nov 2026 01:24 PM IST
राजश्री वर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: राजश्री वर्मा
Updated Tue, 03 Nov 2026 01:24 PM IST
सार
- 'सतलुज' फिल्म बनाने वाले निर्देशक हनी त्रेहान एक बार फिर चर्चा में बने हुए हैं।
- दरअसल, इस बार उन्होंने सीबीएफसी की नई गाइडलाइंस पर सवाल उठाए हैं।
- हनी त्रेहान ने नई गाइडलाइंस देखने के बाद अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल उठाए हैं।
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हनी त्रेहान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फिल्ममेकर हनी त्रेहान ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की नई गाइडलाइंस की आलोचना की है। उन्होंने इन निर्देशों को 'कायरता' और 'तानाशाही' का उदाहरण बताया। निर्देशक का यह बयान ऐसे समय में आया, जब उनकी पीरियड क्राइम ड्रामा फिल्म 'सतलुज' को रिलीज के कुछ ही दिनों बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से हटा दिया गया था। इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ मुख्य भूमिका में नजर आए थे।
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फिल्ममेकर हनी त्रेहान
- फोटो : इंस्टाग्राम
क्या बोले हनी त्रेहान?
दरअसल, सोमवार को सीबीएफसी ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए पांच नए निर्देश दिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हनी त्रेहान ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने लिखा, 'नई गाइडलाइंस देश में कायरता और तानाशाही को दिखाती हैं और इस बात को रेखांकित करती हैं कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर लोकतांत्रिक रवैया नहीं अपनाया जा रहा है।'
'सतलुज' को लेकर भी विवादों में रहे थे हनी
हनी त्रेहान की यह प्रतिक्रिया उनकी फिल्म 'सतलुज' को लेकर हुए लंबे विवाद के कई महीनों बाद आई है। इस फिल्म का नाम पहले 'पंजाब 95' था। यह सिख मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की जिंदगी पर आधारित है, जिसमें दिलजीत दोसांझ ने मुख्य भूमिका निभाई है।
पहले फिल्म को सीबीएफसी से सर्टिफिकेट मिलने में कई वर्षों तक देरी हुई। इसके बाद मेकर्स ने इस साल जुलाई में फिल्म को 'सतलुज' नाम से जी5 पर रिलीज किया। हालांकि, रिलीज के कुछ ही दिन बाद इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।
दरअसल, सोमवार को सीबीएफसी ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए पांच नए निर्देश दिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हनी त्रेहान ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने लिखा, 'नई गाइडलाइंस देश में कायरता और तानाशाही को दिखाती हैं और इस बात को रेखांकित करती हैं कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर लोकतांत्रिक रवैया नहीं अपनाया जा रहा है।'
'सतलुज' को लेकर भी विवादों में रहे थे हनी
हनी त्रेहान की यह प्रतिक्रिया उनकी फिल्म 'सतलुज' को लेकर हुए लंबे विवाद के कई महीनों बाद आई है। इस फिल्म का नाम पहले 'पंजाब 95' था। यह सिख मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की जिंदगी पर आधारित है, जिसमें दिलजीत दोसांझ ने मुख्य भूमिका निभाई है।
पहले फिल्म को सीबीएफसी से सर्टिफिकेट मिलने में कई वर्षों तक देरी हुई। इसके बाद मेकर्स ने इस साल जुलाई में फिल्म को 'सतलुज' नाम से जी5 पर रिलीज किया। हालांकि, रिलीज के कुछ ही दिन बाद इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।
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दिलजीत दोसांझ
- फोटो : सोशल मीडिया
दिलजीत ने जताई थी आशंका
रिलीज से पहले दिलजीत दोसांझ ने भी इस बात को लेकर आशंका जताई थी कि फिल्म प्लेटफॉर्म पर कितने समय तक उपलब्ध रहेगी। बाद में उनकी यह आशंका सच साबित हुई और फिल्म को रिलीज के कुछ ही समय बाद हटा दिया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार ने फिल्म को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं जताई थीं। हालांकि, मेकर्स ने कहा था कि फिल्म की रिलीज में आ रही परेशानियों के पीछे ये वजहें नहीं थीं।
रिलीज से पहले दिलजीत दोसांझ ने भी इस बात को लेकर आशंका जताई थी कि फिल्म प्लेटफॉर्म पर कितने समय तक उपलब्ध रहेगी। बाद में उनकी यह आशंका सच साबित हुई और फिल्म को रिलीज के कुछ ही समय बाद हटा दिया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार ने फिल्म को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं जताई थीं। हालांकि, मेकर्स ने कहा था कि फिल्म की रिलीज में आ रही परेशानियों के पीछे ये वजहें नहीं थीं।
सीबीएफसी
- फोटो : सोशल मीडिया
क्या हैं सीबीएफसी की नई गाइडलाइंस?
सीबीएफसी की तरफ से जारी की गई नई एडवाइजरी बोर्ड के दोबारा गठन के बाद जारी किए गए पहले निर्देश हैं। करीब नौ साल के अंतराल के बाद कुछ महीने पहले बोर्ड का पुनर्गठन किया गया था। इसकी अध्यक्षता प्रसार भारती के पूर्व सीईओ शशि शेखर वेम्पति कर रहे हैं।
नए बोर्ड में प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी, प्रसेनजीत चटर्जी, रूपाली गांगुली, मनोज जोशी, पल्लवी जोशी और सुनील शेट्टी जैसे कलाकार शामिल हैं। इनके अलावा फिल्ममेकर प्रियदर्शन, म्यूजिक कंपोजर रिकी केज और प्रोड्यूसर सुप्रिया यार्लागड्डा भी बोर्ड का हिस्सा हैं।
सीबीएफसी की तरफ से जारी की गई नई एडवाइजरी बोर्ड के दोबारा गठन के बाद जारी किए गए पहले निर्देश हैं। करीब नौ साल के अंतराल के बाद कुछ महीने पहले बोर्ड का पुनर्गठन किया गया था। इसकी अध्यक्षता प्रसार भारती के पूर्व सीईओ शशि शेखर वेम्पति कर रहे हैं।
नए बोर्ड में प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी, प्रसेनजीत चटर्जी, रूपाली गांगुली, मनोज जोशी, पल्लवी जोशी और सुनील शेट्टी जैसे कलाकार शामिल हैं। इनके अलावा फिल्ममेकर प्रियदर्शन, म्यूजिक कंपोजर रिकी केज और प्रोड्यूसर सुप्रिया यार्लागड्डा भी बोर्ड का हिस्सा हैं।
- सोमवार को जारी पांच निर्देशों में सीबीएफसी ने साफ किया कि सर्टिफिकेशन के लिए जमा की जाने वाली फिल्म पूरी होनी चाहिए।
- साथ ही बोर्ड ने कहा कि फिल्मों की घोषित रिलीज डेट और प्रमोशनल टाइटल को बाध्यकारी नहीं माना जाएगा।
- इसके अलावा फिल्म के टाइटल भी जांच के दायरे में रहेंगे।
- जरूरत पड़ने पर एग्जामिनिंग कमेटी या रिवाइजिंग कमेटी फिल्म के नाम की समीक्षा कर सकती है या उसमें बदलाव कर सकती है।