ऋषि कपूर की किताब 'खुल्लम खुल्ला' के प्राक्कथन में रणबीर कपूर ने पिता ऋषि कपूर के बारे में कहा कहा था कि, 'मुझे लगता है कि उनका मुझे और मेरी बहन रिद्धिमा को दिया गया सबसे मूल्यवान उपहार यह है कि हम अपनी माँ को बिना शर्त एवं चू-चपड़ किए बिना, प्यार कर सकें। वहीं उनका दिया दूसरा उपहार है, उनका मेरी माँ का एक अनुपम पति होना।' इस प्राक्कथन में रणबीर ने पिता के कार्य को लेकर भी अपनी बात कही थी।
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rishi kapoor and ranbir kapoor
'खुल्लम खुल्ला' के प्राक्कथन में रणबीर कपूर ने कहा था, 'तीसरी बात जो मैंने अपने पिता से सीखी, वह है अपने काम के प्रति पूर्ण समर्पण। सन् 2006-07 में जब मैंने अभिनय संसार में कदम रखा, तब मैं अपने माता-पिता के साथ ही रहता था। मैं रोज सुबह उन्हें शूटिंग के लिए तैयार होते देखता। मैं पाता कि फिल्म उद्योग में बरसों-बरस काम करने के बाद भी उनके उत्साह, अपने अभिनय कुशलता को बेहतर करने की इच्छा, अपनी भूमिका के लिए विशेष पोशाक चुनने और उसकी छोटी से-छोटी बारीकी पर ध्यान देने की आदत में ज़रा भी कमी नहीं आई थी।'
रणबीर आगे लिखते हैं, 'वहीं उनका स्वभाव था हर काम में पूर्णता उनका लक्ष्य था। वे उसी भावना से संचालित होते और उनके इसी जज्बे की मैं दिल से सराहना करता हूँ। आज पीछे मुड़कर देखने पर मैं पाता हूँ कि शायद अपने प्रारम्भिक बीस वर्षों में उन्होंने कमोबेश एक समान चरित्र भले अभिनीत किए हैं, परन्तु अपने दूसरे दौर में अपनी क्षमताओं को पुनराविष्कृत करने के लिए उन्होंने कठोर परिश्रम किया है।'
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प्राक्कथन में रणबीर कपूर ने आगे लिखा, 'अपनी भूमिकाओं के निर्वहन में विविधता लाने के लिए उन्होंने नए-नए प्रयोग करना प्रारंभ किया। मैंने पाया कि उन्होंने अपने काम में आनंद लेना शुरू कर दिया और अपनी भूमिकाओं के प्रति बच्चों जैसा उत्साह और स्वच्छन्द रवैया अपना लिया और यह सब अभिनय के प्रति उनकी लगन से ही संचालित है। उनका अन्तिम लक्ष्य अपनी भूमिका के प्रति पूर्ण न्याय करना है। उनकी लम्बी पारी और उनके इस उद्योग में सम्मानपूर्वक टिके रहने का शायद यही राज़ भी है।'
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- फोटो : social media
गौरतलब है कि 30 अप्रैल को ऋषि कपूर के निधन की खबर सोशल मीडिया पर अमिताभ बच्चन ने दी थी। कभी-कभी, अमर अकबर एंथोनी, नसीब, 102 नॉटआउट और कुली जैसी कई फिल्मों में साथ काम कर चुके ऋषि और अमिताभ हकीकत में भी काफी अच्छे दोस्त थे। वहीं बात ऋषि कपूर के फिल्मी करियर की बात करें तो मेरा नाम जोकर से अभिनय की शुरुआत करने वाले अभिनेता ने खेल खेल में, लैला मजनूं , हम किसी से कम नहीं, सरगम, कर्ज़, चांदनी, दीवाना, कपूर एंड संस, मेरा नाम जोकर, नगीना, प्रेम रोग, मुल्क और प्रेम ग्रंथ जैसी कई फिल्मों में अपना दमदार अभिनय का हुनर दिखाया था।