हिंदी सिनेमा में कपूर खानदान का लंबा इतिहास रहा है। मूक सिनेमा के दौर से लेकर ब्लैक एंड व्हाइट और रंगीन सिनेमा तक जिन चंद कलाकारों ने अपनी पहचान बनाई उनमें हिंदी सिनेमा के मशहूर शोमैन का नाम शामिल है। आइए आज राज कपूर की 100वीं जयंती पर उनके जीवन से जुड़े कुछ रोचक किस्सों पर गौर फरमा लेते हैं-
2 of 11
राज कपूर
- फोटो : सोशल मीडिया
पहली फिल्म में पड़ा जोरदार थप्पड़
फिल्मी करियर की शुरुआत भी उनकी तरह ही निराली है। क्या आपको पता है कि हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाने वाले राज कपूर का फिल्मी करियर एक चांटे के साथ शुरू हुआ था। पेशावर (पाकिस्तान) में जन्मे राजकपूर अपने पिता पृथ्वीराज कपूर के साथ मुंबई आए और यहां उन्होंने अपनी जिंदगी की एक नई शुरुआत की। उनके पिता ने उन्हें मंत्र दिया कि राजू नीचे से शुरुआत करोगे तो ऊपर तक जाओगे। पिता की इस बात को गांठ बांधकर राजकूपर ने 17 साल की उम्र में रंजीत मूवीकॉम और बाम्बे टॉकीज फिल्म प्रोडक्शन कंपनी में स्पॉटब्वॉय का काम शुरू किया। उस वक्त के मशहूर निर्देशकों में शुमार केदार शर्मा की एक फिल्म में क्लैपर ब्वॉय के रूप में काम करते हुए राज कपूर ने एक बार इतनी जोर से क्लैप किया कि फिल्म के हीरो की नकली दाड़ी क्लैप में फंसकर बाहर आ गई। राज कपूर की इस हरकत पर केदार शर्मा को बहुत गुस्सा आया और उन्होंने गुस्से में आकर राज कपूर को एक जोरदार चांटा रसीद कर दिया।
केदार शर्मा ने ही दिया पहला ब्रेक
आगे चलकर केदार शर्मा ने ही अपनी फिल्म 'नीलकमल' में राजकपूर को बतौर नायक लिया था। राज कपूर को अभिनय अपने पिता पृथ्वीराज से विरासत में मिली थी। राज कपूर अपने पिता पृथ्वीराज कपूर के साथ रंगमंच पर काम करते थे। उनके अभिनय करियर की शुरुआत पृथ्वीराज थिएटर के मंच से ही हुई थी।
4 of 11
राज कपूर
- फोटो : इंस्टाग्राम@riddhimakapoorsahniofficial
बाल कलाकार के रूप में कर चुके थे काम
राज कपूर ने 1935 में आई फिल्म 'इंकलाब' से अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन इस फिल्म में वह बाल कलाकार के रूप में दिखे थे। वहीं, बतौर हीरो 'नीलकमल' से उनकी किस्मत खुली और देखते ही देखते वह बॉलीवुड के शोमैन बन गए।
5 of 11
राज कपूर
- फोटो : इंस्टाग्राम @ananyapanday
राज कपूर का पूरा नाम
क्या आपको पता है कि राज कपूर का पूरा नाम 'रणबीर राज कपूर' था। रणबीर अब उनके पोते यानि ऋषि कपूर और नीतू कपूर के बेटे का नाम है। राज कपूर का मन पढ़ाई में कभी नहीं लगा और 10वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी होने से पहले ही उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। आपको बता दें कि मनमौजी राज कपूर ने विद्यार्थी जीवन में अपनी किताबें-कॉपियां बेचकर तरह-तरह के खाने में मौज उड़ाए थे।