यशराज फिल्म्स की पहली ऐतिहासिक फिल्म 'पृथ्वीराज' की रिलीज की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। फिल्म 3 जून को हिंदी के अलावा तेलुगू और तमिल में भी रिलीज होने जा रही हौ और इसके लिए देश विदेश में सिनेमाघरों की बुकिंग का काम करीब करीब पूरा हो चुका है। फिल्म की मेकिंग की कहानियां जैसे जैसे सामने आ रही हैं, ये समझ आ रहा है कि फिल्म के निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने इसमें अपना पूरा अनुभव और ज्ञान लगा दिया है। हिंदी मनोरंजन जगत के सबसे बेहतरीन धारावाहिकों में शुमार 'चाणक्य’ को बनाने वाले डॉ. द्विवेदी बताते हैं कि इस फिल्म के लिए जितने कपड़े तैयार किए गए हैं उनमें देश में होने वाली भव्य से भव्य 500 बरातों के सारे बारातियों को सजाया जा सकता है।
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पृथ्वीराज
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म ‘पृथ्वीराज’ में अभिनेता अक्षय कुमार मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। डॉ. द्विवेदी कहते हैं, 'इतिहास को उसके अपने सबसे सच्चे स्वरूप के साथ बनाने की कोशिश हमने फिल्म 'पृथ्वीराज’ में की है। इस तरह की कहानी पर फिल्म बनाने के लिए इसकी बारीकियों पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी था। कम लोगों को ही पता है कि राजस्थान में पगड़ियां स्थान विशेष और समाज में व्यक्ति विशेष के ओहदे का भी प्रतीक होती हैं। हमने इस फिल्म के लिए जितनी पगड़यों बनवाईं उनकी गिनती ही पांच सौ से ऊपर है। राजाओं की पगड़ियां अलग हैं। प्रजा की पगड़ियां अलग हैं। कारिंदों की पगडियां अलग है और कारीगरों की पगड़ियां अलग। इसके लिए हमने उपलब्ध तस्वीरों की हूबहू प्रतिकृतियां तैयार कराईं। इस सबके बावजूद सेट पर हमेशा राजस्थान के पगड़ी विशेषज्ञ हर समय मौजूद रहे और इन पगड़ियों को सिरों पर सजाने का काम इनकी देखरेख में ही हुआ।’
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पृथ्वीराज
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
पगड़ियों के बाद जैसी ही बात फिल्म के कलाकारों के कपड़ों की आती है। डॉ. द्विवेदी चहक उठते हैं। वह कहते हैं, 'फिल्म के कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर ने फिल्म 'पृथ्वीराज’ के लिए इतने कपड़े बनाए हैं कि देश में होने वाली भव्य से भव्य कम से पांच सौ बारातों के बारातियों को इनसे सजाया जा सकता है। गिनती करें तो इन सारे परिधानों की संख्या 50 हजार से ऊपर है। राजस्थान से कारीगरों और राजपूती आन बान शान की परख रखने वाले लोगों ने मुंबई आकर ये सारे कॉस्ट्यूम तैयार किए हैं। मुझे खुशी इस बात की रही है कि आदित्य चोपड़ा जैसा निर्माता मुझे इस फिल्म के लिए मिला और जिन्होंने मेरी कल्पना में मेरे सोचे गए रंगों को भरने में जरा भी कोताही नहीं की।’
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- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
कोरोना संक्रमित होने के चलते अपनी कान फिल्म समारोह की यात्रा स्थगित कर चुके अभिनेता अक्षय कुमार भी मानते हैं कि डॉ. द्विवेदी की कल्पना ने ही फिल्म 'पृथ्वीराज’ को एक भव्य स्वरूप प्रदान किया है। वह कहते हैं, 'शायद ही कभी किसी फिल्म में इतने बड़े पैमाने पर काम होता है जो हमेशा याद रह जाए। सम्राट पृथ्वीराज चौहान के जीवन पर आधारित फिल्म 'पृथ्वीराज’ के हर पहलू को पूरी ईमानदारी, सच्चाई और आदर के भाव के साथ पेश किया गया है। हमने फ़िल्म बनाते समय छोटी-छोटी बातों पर पूरा ध्यान दिया है, क्योंकि हम चाहते थे कि सम्राट पृथ्वीराज की ज़िंदगी की कहानी को बड़े पर्दे के जरिए सबसे शानदार तरीके से लोगों तक पहुंचाया जाए।’