हिंदी सिनेमा के आइकॉनिक विलेन प्रेम चोपड़ा का आज जन्मदिन है। पहले की फिल्मों में प्रेम चोपड़ा का होना इस बात का सबूत था कि हीरोइन के साथ जरूर कुछ गलत हरकत होगी। जब वो 'प्रेम नाम है मेरा, प्रेम चोपड़ा' बोलते तो अच्छे-अच्छों की हवा खराब हो जाती। प्रेम चोपड़ा ने हिंदी सिनेमा जगत में विलेन का किरदार निभाकर कामयाबी की बुलंदियों को छुआ। अपने करियर में उन्होंने 250 से ज्यादा रेप सीन्स दिए हैं।
पिता बनाना चाहते थे अफसर बेटा बन गया विलेन
आज प्रेम चोपड़ा अपना 86वां जन्मदिन मना रहे हैं। 23 सितंबर 1935 को प्रेम चोपड़ा का जन्म लाहौर में हुआ था। बंटवारे के बाद प्रेम चोपड़ा का परिवार शिमला शिफ्ट हो गया। शिमला में ही प्रेम चोपड़ा ने अपना बचपन गुजारा। उनकी प्रारंभिक शिक्षा वहीं हुई। प्रेम के पिता उन्हें अधिकारी बनाना चाहते थे लेकिन उन्हें लोकप्रियता मिली रेप सीन फिल्माने से।
प्रेम चोपड़ा ने फिल्मी सफर की शुरुआत 1960 में फिल्म 'मुड़ मुड़ के न देख' से की थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ कमाल नहीं दिखा पाई जिसके बाद प्रेम चोपड़ा ने पंजाबी फिल्मों की ओर रुख किया। उनकी मुख्य फिल्मों में 'हम हिंदुस्तानी', 'वो कौन थी?', 'शहीद', 'मेरा साया', 'प्रेम पुजारी', 'पूरब' और पश्चिम', 'कटी पतंग', 'दो अनजाने', 'काला सोना', 'दोस्ताना', 'क्रांति', 'जानवर', 'फूल बने अंगारे', 'महबूबा' सहित अन्य फिल्में हैं।
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प्रेम चोपड़ा
- फोटो : screenshot from youtube
प्रेम चोपड़ा ने वैसे तो कई रेप सीन फिल्माए लेकिन एक सीन की वजह से उन्हें हीरोइन का गुस्सा भी झेलना पड़ा था। दरअसल एक सीन में प्रेम चोपड़ा को पीछे से आकर हीरोइन को दबोचना था। प्रेम चोपड़ा ने डिमांड के हिसाब से ऐसा ही किया, लेकिन किसी वजह से हीरोइन सही एक्सप्रैशन नहीं दे पा रही थी। जोर-जबरदस्ती का जो रिएक्शन निर्देशक को चाहिए था वो नहीं मिल पा रहा था। सीन के लिए कई रीटेक देने पड़े लेकिन फिर भी सीन सही शूट नहीं हो पाया।
सीन आखिरकार शूट हुआ लेकिन हीरोइन ने निर्देशक से प्रेम चोपड़ा की शिकायत कर दी। प्रेम चोपड़ा कुछ समझ पाते इससे पहले एक थप्पड़ मारने वाला सीन शूट होना था, जो कि हीरोइन प्रेम चोपड़ा को मारती। जैसे ही शूट शुरू हुआ हीरोइन ने प्रेम चोपड़ा को इतनी जोर से थप्पड़ मारा कि सब सहम गए और शूटिंग सेट पर सन्नाटा छा गया।
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एक रेप सीन शूट के दौरान प्रेम चोपड़ा
- फोटो : सोशल मीडिया
विलेन के रोल को लेकर एक बार प्रेम चोपड़ा ने कहा था, हीरो मैं बन नहीं पाया तो किस्मत ने मुझे विलेन बना दिया। मैं खुश हूं कि उस दौर में फिल्मों को हिट कराने में विलेन की भूमिका भी बड़ी महत्वपूर्ण हुआ करती थी और लोग आपके डायलॉग सालों-साल याद रखते थे। लोग मुझसे अपनी पत्नियों को छुपा लेते थे ताकि कोई गलत हरकत ना हो। ये मेरे द्वारा निभाए गए किरदार का ही असर था।