बॉलीवुड के मशहूर निर्देशन प्रकाश झा ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान बॉलीवुड की फिल्मों को लेकर हो रहे बहिष्कार पर खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने 'लाल सिंह चड्ढा' के फ्लॉप होने के बाद आमिर की लगान और दंगल का हवाला देते हुए यह बताने की कोशिश की क्या सच में बायकॉट ट्रेंड फिल्म को प्रभावित कर सकते हैं या नहीं।
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प्रकाश झा
- फोटो : सोशल मीडिया
अपनी वेब सीरीज आश्रम के विरोध में चले बायकॉट अभियान पर बात करते हुए हुए उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है। बता दें कि आश्रम वेब सीरीज में प्रकाश झा पर हिंदू भावनाएं आहत करने के आरोप लगे थे। साथ ही इस शो पर बैन लगाने के लिए ट्विटर पर हैशटैग बैन आश्रम वेब सीरीज भी ट्रेंड चलाया गया था।
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प्रकाश झा
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एक मीडिया हाउस से बात करते हुए प्रकाश झा ने कहा, 'लोग मुझसे कई वर्षों से नाराज होते आ रहे हैं। इस वजह से मैंने अब यह कहना शुरू कर दिया है कि हमारे में मौलिक अधिकार में हमें नाराज होने का अधिकार भी जोड़ देने चाहिए।' उन्होंने कहा कि यह भारत में एक मौलिक अधिकार बन जाना चाहिए, क्योंकि हम हर चीज से नाराज हो जाते हैं। अगर कोई लड़की जींस पहनती है तो हमें बुरा लगता है। कोई टीका लगा लेता है या फिर कोई श्लोक पढ़ता है तो हमें बुरा लगता है।'
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प्रकाश झा
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बॉलीवुड में मौजूदा स्थिति के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमेशा लोग प्रोजेक्ट्स के खिलाफ रहेंगे। ऐसा पहले भी था लेकिन यह अब दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि मैं बायकॉट कल्चर पर टिप्पणी तब कर पाऊंगा जब मैं लगान या दंगल जैसी अच्छी फिल्म का बहिष्कार किए जाने के बाद उनकी फिल्मों के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर बुरा असर पड़ते देखूंगा। बता दें कि दंगल के समय भी लोगों ने इस फिल्म के बहिष्कार की मांग की थी लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।