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प्रकाश जावड़ेकर ने किया कान्स फिल्म फेस्टिवल में भारत के पवेलियन का उद्घाटन, विदेशी फिल्मकारों को दिया शूटिंग का न्यौता
Tue, 23 Jun 2020 05:22 AM IST
Mishra Mishra
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mishra Mishra
Updated Tue, 23 Jun 2020 05:22 AM IST
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प्रकाश जावड़ेकर
- फोटो : Social Media
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने विदेशी फिल्म निर्माताओं को भारत में फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। जावड़ेकर ने सोमवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल के लिए भारत के पवेलियन का वर्चुएल उद्घाटन किया। इस अवसर पर पहली बार भारत के पवेलियन में दो फिल्मों को भी शो-केस किया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में फिल्मों के बाजार को बढ़ाने में अंतर्राष्ट्रीय फिल्मकारों को अधिक से अधिक योगदान देने के लिए आगे आना चाहिए।
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुए उद्घाटन में मंगलवार को जाने माने हिंदी और मराठी फिल्मों के कलाकार और कथाकार अनंत महादेवन की लिखी और उषा जाधव अभिनीत की गई फिल्म माईघाट क्त्रसइम नंबर 103 /2005 शो-केस की जाएगी। यह फिल्म एक मां की उसके बेटे को इंसाफ दिलाने की कहानी है जिसे केरल में पुलिस की ज्यादतियों का शिकार होना पड़ा था। इसके अलावा राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाली गुजराती फिल्म हिल्लौरे भी होगी। कोरोना संक्रमण के कारण कान फिल्म फेस्टिवल जो पहले मई में होना था, लेकिन अब यह 3 जून से 23 जून तक हो रहा है।
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इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोरोना ने विश्व की व्यवस्थाओं को बदल कर रख दिया है। यह पहली बार है जब किसी फिल्म समारोह को आभासी तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन दिनों आभासी कार्यक्रमो का ऐसा दौर शुरु हो गया है कि अब यही वास्तविकता बनते जा रहे हैं। जावड़ेकर ने कहा कि भारतीय फिल्म सदैव भारतीय समाज का विनम्र पहलू रही हैं। यदि इन्हें समाज का आइना कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगा। क्योंकि भारत में पड़े पैमाने पर फिल्में बनती हैं। ऐसे में यदि विदेशी फिल्मकार भी भारत आकर अपनी फिल्मों का निर्माण करते हैं तो उन्हें तमाम विविधताएं मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा हमारा देश समृद्ध प्रकृतिक संसाधनों और सुंदरता से लवरेज लोकेशन से भरा पड़ा है। जितनी नैसर्गिक सुंदरता यहां है वह शायद ही दुनिया के किसी कोने में मिले।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा अभी 50 देश भारत में अपने निर्माण कार्यों के अंजाम देते हैं। ऐसे में देश में फिल्म बाजार को बढ़ाने की आपार संभावनाएं और इसे बढ़ाना ही एकमात्र हमारा दायित्व है। यह तभी संभव है जब ज्यादा से ज्यादा फिल्मकार भारत में आए और फिल्मों का निर्माण करें। इसके लिए दो साल पहले ही केंद्र की मोदी सरकार ने सिंगल विंडो के जरिए कम समय में एक ही जगह से सारी स्वीकृतियों की व्यवस्था की थी।
इस अवसर पर सूचना और प्रसारण सचिव अमित खरे ने बताया कि अगले साल कान्स फिल्म समारोह में महान फिल्मकार सत्यजीत रे की जन्मशती को मनाया जाएगा। इसके लिए सिनेमा में उनके योगदान को दर्शाते हुए उनकी फिल्मों का पुनरावलोकन किया जाएगा। इसके अलावा उनके फिल्मी सफर को दर्शाती एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।
इस समारोह में फिक्की के महासचिव दिलीप चिनॉय, प्रसिद्द संगीतकार और फिल्म प्रत्यायन बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी, फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर, अभिनेत्री कंगना रनौत, फ्रांस में भारत के वाणिज्य दूतावास प्रभारी श्रीलाल कुमार, सूचना और प्रसारण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अतुल कुमार तिवारी ने भी संबोधित किया।
कान्स फिल्म फेस्टिवल 1946 से लगातार आयोजित किया जा रहा है। इसमें दुनिया की बेहतरीन फिल्मों को दिखाया जाता है। यह एकमात्र ऐसा आयोजन है जिसमें दुनिया भर के फिल्म जगत के लोग हिस्सा लेते हैं। इस बार भारत के मंडप में 26 जून तक विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने 20 से 28 नवंबर तक गोवा में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का पोस्टर और बुकलेट भी जारी किया है।