सलमान खान पर हमला करने की साजिश नाकाम करने के बाद पुलिस ने इस मामले में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह ने अभिनेता की हत्या के लिए नाबालिगों को काम पर रखा था। नवी मुंबई पुलिस ने अपनी जांच के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य अजय कश्यप और एक अन्य आरोपी के बीच वीडियो कॉल पर हुई बातचीत पर खुलासा किया है।
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सलमान खान
- फोटो : इंस्टाग्राम @beingsalmankhan
इस बातचीत के अनुसार आधुनिक हथियारों को चलाने में प्रशिक्षित शार्पशूटर गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के आदेश पर मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, पुणे, रायगढ़ और गुजरात में तैनात थे। अधिकारियों ने प्राथमिकी (एफआईआर) का हवाला देते हुए कहा कि शार्पशूटर अनमोल बिश्नोई और रोहित गोदारा को गोल्डी बराड़ ने हमला करने का निर्देश दिया था। इस काम के लिए 18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिगों को चुना गया था।
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सलमान खान
- फोटो : इंस्टाग्राम
एफआईआर के अनुसार जॉन नाम के शख्स को इस काम को अंजाम देने के लिए वाहन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हमले के बाद गिरोह के सदस्यों को कन्याकुमारी में एकजुट होना था और इसके बाद समुद्री मार्ग से श्रीलंका रवाना होना था। अधिकारियों के मुताबिक वहां से उन्हें दूसरे देशों में भेजने की व्यवस्था की गई थी। कनाडा में रहने वाले गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई ने उनकी यात्रा का सारा इंतजाम किया था।
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सलमान खान
- फोटो : इंस्टाग्राम @ beingsalmankhan
पुलिस के अनुसार सलमान खान की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लॉरेंस बिश्नोई और संपत नेहरा गिरोह ने लगभग 60 से 70 सदस्यों को तैनात किया था, ताकि उनके बांद्रा स्थित आवास, पनवेल के फार्महाउस और फिल्म शूटिंग स्थलों की रेकी की जा सके। सलमान की हत्या की साजिश के बारे में विशेष जानकारी मिलने के बाद 24 अप्रैल को पनवेल टाउन पुलिस स्टेशन में 17 पहचाने गए आरोपियों और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
आरोपियों में लॉरेंस बिश्नोई, उसका भाई अनमोल, गिरोह का सदस्य संपत नेहरा, गोल्डी बराड़, अजय कश्यप उर्फ धनंजय टेपसिंग, सुखा शूटर, संदीप बिश्नोई उर्फ गौरव भाटिया, वसीम चीना, डोगर और अन्य शामिल थे। पुलिस ने एफआईआर में अजय कश्यप और पाकिस्तान स्थित डोगर नाम के एक व्यक्ति के बीच हुई वीडियो कॉल की भी जानकारी दी है। एफआईआर के अनुसार कॉल की शुरुआत कश्यप ने एक सदस्य की मौजूदगी में की थी, जो बाद में पुलिस का मुखबिर बन गया था।