किसी लड़की का यौन शोषण अगर एक साथ दस लड़के कर लें, तो उसके दिमाग पर क्या असर पड़ता है, यह कहानी जानकर आपको पता चल जाएगा। इस कहानी का पूरा वीडियो भी आखिरी स्लाइड में जोड़ा गया है।
डर रही है हीरोइन, घर से निकली तो फिर वही होगा जो उस रात हुआ था!
उसे एगोराफोबिया हो जाता है। उसे हर पल लगा करता है कि जैसे ही वह बाहर निकलेगी उसके साथ फिर वही होगा, जो उस रात हुआ था। असल इस फोबिया में एक तरीके का डिसऑडर हो जाता है, जिसे बाहरी वातावरण से डर लगने लगता है।
डर रही है हीरोइन, घर से निकली तो फिर वही होगा जो उस रात हुआ था!
इसी के चक्कर में बदलापुर, माझीः द माउंटेमन और अहल्या जैसी फिल्मों कर चुकी राधिका आप्टे ने खुद को अपने ही घर में 28 दिनों तक असल में कैद रखा।
डर रही है हीरोइन, घर से निकली तो फिर वही होगा जो उस रात हुआ था!
वह बाहर आई ही नहीं, यह जानने के लिए कि जो कोई इस फोबिया का शिकार होता है, या फिर जिस किसी लड़की के साथ वैसी भयावह रात घटती है।
डर रही है हीरोइन, घर से निकली तो फिर वही होगा जो उस रात हुआ था!
क्योंकि उनकी अगली फिल्म में उनका किरदार एक इसी तरह की लड़की का जिसका एक साथ दस से अधिक लोगों ने यौन शोषण किया है और वह एगोराफोबिया से ग्रसित हो जाती है।