जब भी भारतीय शास्त्रीय नृत्य के बारे में बात की जाती है तो सबसे पहले पंडित बिरजू महाराज का नाम जरूर लिया जाता है। पद्म विभूषण पंडित बिरजू महाराज ने कत्थक को एक नई और अलग ही पहचान दी। बिरजू महाराज का जन्म 4 फरवरी 1939 को उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ था। बिरजू महाराज इस साल 83 साल के हो चुके हैं। पंडित बिरजू महाराज लखनऊ के कत्थक के कालका-बिनदानिन घराने से ताल्लुक रखते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने कई बॉलीवुड अभिनेत्रियों को भी अपनी ताल पर थिरकाया है। बिरजू महाराज के जन्मदिन पर बताते हैं उनके बारे में कुछ खास बातें...
2 of 7
पंडित बिरजू महाराज
- फोटो : अमर उजाला
बिरजू महाराज के पिता अच्छन महाराज और चाचा शम्भू महाराज का नाम देश के प्रसिद्ध कलाकारों में था। पंडित बिरजू महाराज का असली नाम बृजमोहन मिश्रा है। नौ वर्ष की आयु में उनके पिता का देहांत हो गया था जिसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। उन्होंने अपने चाचा लच्छू महाराज और शंभू महाराज से कत्थक सीखा। इन्होंने न सिर्फ भारत में बल्कि पूरे विश्व में कत्थक को एक नई पहचान दिलाई है। साथ ही कुछ बॉलीवुड फिल्मों में कोरियोग्राफी कर उन्हें एक नया रंग दिया है।
3 of 7
शतरंज के खिलाड़ी
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
बिरजू महाराज ने कई बॉलीवुड फिल्मों में कोरियाग्राफी की। उन्होंने बॉलीवुड की कई दिग्गज अभिनेत्रियों को अपनी ताल पर नचाया है। बिरजू महाराज ने सबसे पहले सत्यजीत रे की फिल्म 'शतरंज के खिलाड़ी' में दो डांस नंबर की कोरियोग्राफी करने के साथ ही उन्हें अपनी आवाज भी दी थी।
4 of 7
माधुरी दीक्षित
- फोटो : twitter@MadhuriDixit
बिरजू महाराज ने यश चोपड़ा की फिल्म 'दिल तो पागल' है में एक म्यूजिक पर कोरियोग्राफी की थी। ये कोरियोग्राफी उन्होंने अभिनेत्री माधुरी दीक्षित पर की। उन्होंने फिल्म के एक डांस सीक्वेंस के लिए माधुरी दीक्षित को कोरियोग्राफ किया था।
इसके बाद बिरजू महाराज ने साल 2002 में रिलीज हुई फिल्म 'देवदास' में माधुरी दीक्षित को डांस सिखाया था। उन्होंने इस फिल्म का गाना 'काहे छेड़- छेड़ मोहे' की कोरियोग्राफी की थी। माधुरी हमेशा से ही उनकी पंसदीदा नृत्यांगना रही हैं। उनका मानना है कि माधुरी भी मीना कुमारी और वहीदा रहमान जैसी ही बेहतरीन डांसर हैं। जबकि उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि कटरीना कैफ को डांस करना नहीं आता, वो जो करती हैं उसे 'हिलना' कहते हैं।