अमर उजाला का वैचारिक संगम संवाद कार्यक्रम 17 और 18 अप्रैल को लखनऊ में गोमती नगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होने जा रहा है। इसमें कई दिग्गज हस्तियों के साथ बॉलीवुड के मशहूर अभिनेत्री नुसरत भरुचा भी शिरकत करेंगी। इस दौरान वह आज के सिनेमा के दौर के साथ-साथ कई मुद्दों पर अपने विचार लोगों के साथ साझा करेंगी। नुसरत ने काफी कम समय में ही सिनेमा में अपना काफी नाम कमा लिया है। अमर उजाला संवाद में नुसरत के साथ अभिनय कौशल पर भी विस्तार से चर्चा होगी। इस कार्यक्रम से पहले आइए उनके बारे में कुछ दिलचस्प बातें जानते हैं।
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नुसरत भरुचा
- फोटो : इंस्टाग्राम-@nushrrattbharuccha
बचपन में चढ़ा था अभिनय का खुमार
नुसरत भरुचा बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों में से हैं, जिन्होंने अपने जुनून, मेहनत और अनोखे अंदाज से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। चाहे वह 'प्यार का पंचनामा' में उनकी लंबी डायलॉगबाजी हो या 'सोनू के टीटू की स्वीटी' में उनकी ग्लैमरस स्वीटी, नुसरत ने हर किरदार में जान डाली है।
नुसरत भरुचा का जन्म 17 मई 1985 को मुंबई के एक दाऊदी बोहरा मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके पिता तनवीर भरुचा एक बिजनेसमैन हैं और मां तसनीम भरुचा एक गृहिणी। नुसरत अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और उनका बचपन मुंबई की चहल-पहल में बीता। मुंबई के लीलावतीबाई पोडार हाई स्कूल में पढ़ाई के दौरान नुसरत को अभिनय का शौक जागा। वह स्कूल के नाटकों में हिस्सा लेती थीं और महज चार साल की उम्र में अपने स्कूल के वार्षिक समारोह में "मिस हवाई" का किरदार निभाकर स्टेज पर छा गई थीं।
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नुसरत भरुचा
- फोटो : इंस्टाग्राम-@nushrrattbharuccha
ऐसे मिला पहला ब्रेक
एक इंटरव्यू में नुसरत ने बताया कि वह बचपन से ही अभिनेत्री बनना चाहती थीं, लेकिन उनके समुदाय में अभिनय को अच्छा पेशा नहीं माना जाता था, इसलिए शुरुआती दिनों में वह अपने रिश्तेदारों से कहती थीं कि यह सिर्फ समर जॉब है। जय हिंद कॉलेज, मुंबई से फाइन आर्ट्स में ग्रेजुएशन करने के दौरान भी वह नाटकों और इवेंट्स में सक्रिय रहीं। कॉलेज में एक बार वह एक टैलेंट मैनेजमेंट फर्म में स्काउट के तौर पर काम करने गई थीं, लेकिन वहां उन्हें एक टीवी सीरियल में रोल ऑफर हो गया। यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया।
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नुसरत भरुचा
- फोटो : इंस्टाग्राम-@nushrrattbharuccha
संघर्ष से भरा रहा शुरुआती करियर
नुसरत का करियर 2002 में टीवी सीरियल 'किट्टी पार्टी' से शुरू हुआ। इसके बाद उन्होंने थिएटर में कई साल बिताए और विज्ञापनों में काम किया। 2006 में उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म 'जय संतोषी मां' रिलीज हुई। इसके बाद वह 2009 में 'कल किसने देखा' और तेलुगु फिल्म 'ताज महल' (2010) में में नजर आईं।
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- फोटो : इंस्टाग्राम-@nushrrattbharuccha
ऐसे मिली सिनेमा में पहचान
नुसरत को असल पहचान 2010 में दिबाकर बनर्जी की 'लव सेक्स और धोखा' से मिली, जिसमें उनकी बोल्ड परफॉर्मेंस ने ध्यान खींचा, लेकिन 2011 में लव रंजन की 'प्यार का पंचनामा' ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। इसके बाद नुसरत ने 'आकाश वाणी' (2013) और 'डर: द मॉल' (2014) जैसी फिल्में कीं। 2015 में 'प्यार का पंचनामा 2' ने फिर से उनके करियर को रफ्तार दी। इस फिल्म में उनके किरदार नेहा का पांच मिनट का मोनोलॉग युवाओं के बीच इतना हिट हुआ कि लोग आज भी उसे याद करते हैं। नुसरत ने एक इंटरव्यू में बताया कि इस मोनोलॉग को शूट करने में उन्हें 12 घंटे लगे और वह इतनी थक गई थीं कि सेट पर ही सो गई थीं। इस फिल्म ने 88 करोड़ रुपये कमाए और नुसरत की कॉमिक टाइमिंग को खूब सराहा गया।
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