फिल्म 'अय्यारी' की रिलीज डेट आगे बढ़ाई जा चुकी है। जिसकी वजह पहले 'पैडमैन' बताई जा रही थी पर असल में रक्षा मंत्रालय ने फिल्म के कुछ सीन्स पर आपत्ति जताई थी। जिसके बाद फिल्म में कट्स लगाए गए और सेंसर बोर्ड ने फिल्म को मंजूरी दी। कई बार रिलीज डेट टलने के बाद आखिरकार फिल्म अब सिनेमाघरों में उतरेगी। फिल्म में रक्षा मंत्रालय को कई सीन्स पर आपत्ति थी ऐसे में सभी जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर फिल्म का सब्जेक्ट क्या है। जिसका खुलासा अब पहली बार हुआ है।
फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे को हमेशा उनके सराहनीय काम की वजह से तारीफ मिलती रही है। चाहे उनकी 'ए वेडनेसडे' हो या 'स्पेशल 26'। सभी फिल्मों की स्क्रिप्ट तो दमदार है ही बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा कलेक्शन किया। एक बार फिर से नीरज पांडे 'अय्यारी' के जरिए ऐसे ही एक वास्तविक मुद्दे पर फिल्म लेकर आ रहे हैं। एक वेब पोर्टल के मुताबिक सिद्धार्थ मल्होत्रा और मनोज बाजपेयी स्टारर इस फिल्म की कहानी आदर्श हाउसिंग घोटाले से प्रेरित है।
दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने युद्ध में मारे गए सैनिकों और रक्षा मंत्रालय के कर्मचारियों के लिए बिल्डिंग बनाने का फैसला किया था। जिसे कोलाबा में आदर्श हाउसिंग सोसायटी के नाम से बनाया गया था। बाद में आरटीआई में खुलासा हुआ कि नियमों को ताक पर रखकर इसके फ्लैट अफसरों, नेताओं को बेहद कम कीमत में दे दिए गए। इस घोटाले का पर्दाफाश 2010 में हुआ था।
आदर्श हाउसिंग घोटाले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को इस्तीफा देना पड़ गया था क्योंकि इस घोटाले में उनका भी नाम खूब उछला था। दिसंबर 2010 में मुंबई हाईकोर्ट ने इसको धोखेबाजी का मामला बताया और इसके बाद यह भी सामने आया कि इस बिल्डिंग को बनाने के लिए पर्यावरण के नियमों को ताक पर रख दिया गया और बाद में इसको गिराने के आदेश दे दिए गए। आदर्श हाउसिंग सोसायटी की 31 मंजिला इमारत में 102 फ्लैट हैं। प्रत्येक फ्लैट की कीमत 10 करोड़ के आसपास है, जबकि बनाते समय प्रति सदस्य सिर्फ 85 लाख के करीब खर्च आया था।
फिल्म घोटाले पर बेस्ड है इसका सबूत ट्रेलर में दिखाए एक सीन से पता चलता है जहां वाचमैन बने नसीरुद्दीन शाह कहते हैं, 'खा जाएंगे, नेता और नेता के चमचे'। नसीरुद्दीन इस फिल्म में कैमियो के रोल में है। बता दें, 'अय्यारी' 16 फरवरी को सिनेमाघरों में आएगी।