सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकीं उषा जाधव इन दिनों सात समंदर पार यूरोपीय सिनेमा में देश का नाम रोशन कर रही हैं। उषा वहां लगातार अलग अलग माध्यमों में अभिनय के अलावा और भी तमाम सारा क्रिएटिव काम कर रही हैं। उनके नाम एक सम्मान का एक नया अध्याय तब जुड़ गयाजब स्पेन के सिनेमा और टेलीविजन में काम करने वाली अभिनेत्रियों के साथ हुई एक दिलचस्प चर्चा में उन्हें भी एक ऐसी शख्सीयत के रूप में बुलाया गया जिनकी बात का विश्वसिनेमा पर असर होता है।
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- फोटो : usha jadhav
उषा को इस कार्यक्रम में बुलाने की वजह ये रही है कि वहां के सितारों में से उन्हें भी बदलते दौर की ‘एसेंशियल वॉयसेस’ में से एक माना गया। इस कार्यक्रम में उन्होंने सिर्फ भारत का ही नहीं बल्कि एशिया का प्रतिनिधित्व किया। उनके साथ इस चर्चा में अफ्रीका और यूरोप के कलाकारों के अलावा लैटिन अमेरिका के कलाकारों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान बहस इस बात पर भी हुई कि कैसे ढर्रे पर चलती आ रही चीजों में बदलाव लाया जाए और कैसे दृश्य श्रव्य माध्यम में विविधता को प्रोत्साहित किया जाए। स्पेन के खेल व संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से हुए इस कार्यक्रम का आयोजन स्पैनिश एसोसिएशन ऑफ वीमन इन फिल्म्स एंड टीवी और सीमा के साथ कूफिल्म ने मिलकर किया।
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
‘अमर उजाला’ से इस बारे में एक्सक्लूसिव बातचीत करते हुए उषा ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में उन्हें स्पेन में काम करने के कुछ बेहतरीन प्रस्ताव मिले और उन्होंने वहां पहुंचकर देखा कि इंसानी जज्बात किसी भी भाषा की सरहदें भुला सकते हैं। उषा ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि भारत में भी विभिन्न भाषाओं के सिनेमा के बीच दशकों से कायम रहीं बोलियों की बंदिशें खत्म हो रही हैं और दर्शक अब अच्छे सिनेमा को देखने फिर से सिनेमाघरों में लौटने लगे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
नेशनल फिल्म अवार्ड विनर उषा जाधव के मुताबिक भारतीय सिनेमा की विश्व पटल पर काफी प्रतिष्ठा रह है और जरूरत अब इस बात की है कि देश की उन कहानियों तक फिल्मकारों का कैमरा पहुंचे जो अब भी निर्जनों और बियाबानों में खुद के कहे जाने के इंतजार कर रही हैं। उषा का यूरोपीयन सिनेमा में काफी दबदबा बन चुका है लेकिन अपने पहले प्यार भारतीय सिनेमा को वह भूली नहीं हैं। वह कहती हैं, ‘मैं जल्द से जल्द घर आना चाहती हूं। बस यहां काम काम पूरा होते ही मैं वहां का काम करने पहुंच जाऊंगी।’