फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Mumbai court acquits TVF founder Arunabh Kumar in 2017 sexual harassment case

Arunabh Kumar: टीवीएफ के अरुणाभ कुमार को बड़ी राहत, यौन उत्पीड़न के मामले में अदालत ने किया रिहा

Wed, 28 Dec 2022 05:06 PM IST
शशि सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: शशि सिंह Updated Wed, 28 Dec 2022 05:06 PM IST
सार

कॉमेडी चैनल द वायरल फीवर के पूर्व सीईओ अरुणाभ कुमार को यौन उत्पीड़न मामले में मुंबई की एक अदालत ने बरी कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, यह फैसला अस्पष्ट और देर से एफआईआर दर्ज करवाने के आधार पर दिया गया है।

विज्ञापन
Mumbai court acquits TVF founder Arunabh Kumar in 2017 sexual harassment case
अरुणाभ कुमार

विस्तार

कॉमेडी चैनल द वायरल फीवर के पूर्व सीईओ अरुणाभ कुमार को यौन उत्पीड़न मामले में मुंबई की एक अदालत ने बरी कर दिया है। साल 2017 में यौन उत्पीड़न के आरोपों को बाद अरुणाभ कुमार पर मामला दर्ज किया गया था। जानकारी के मुताबिक, अदालत ने अस्पष्ट और अकारण, देर से एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज होने के आधार पर अपना फैसला दिया है।

विज्ञापन

Malaika Arora: मलाइका-अमृता का झगड़े सुलझाने चली थीं नेहा धूपिया, छैयां-छैयां गर्ल ने लगा दी फटकार

विज्ञापन

तीन साल बाद दर्ज करवाया गया था मामला
बता दें कि अरुणाभ कुमार पर साल 2017 में टीवीएफ संस्थापक अरुणाभ कुमार के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज करवाया गया था, लेकिन अभयोजन पक्ष के अनुसार कथित घटना साल 2014 में हुई थी। शिकायत दर्ज करवाने वाली महिला सोशल मीडिया पर अन्य इसी तरह के आरोप लगाने वाली महिलाओं से मिली थी और कहा था कि टीवीएफ (द वायरल फीवर) संस्थापक अरुणाभ कुमार ने कंपनी में अपने कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर उसके साथ छेड़छाड़ की थी। जिसके बाद अरुणाभ कुमार के खिलाफ धारा 354 (A) और 509 के तहत केस दर्ज किया गया था।
 

Bollywood Horror Movie 2022: इन हॉरर मूवीज ने सालभर खूब डराया, यहां देखें पूरी लिस्ट

इस आधार पर दिया गया फैसला
जानकारी सामने आई है कि मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (अंधेरी कोर्ट) ए आई शेख ने इस साल सितंबर में ही अरुणाभ कुमार को बरी कर दिया था। हालांकि विस्तृत आदेश हाल ही में उपलब्ध हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि "अभियोजन पक्ष द्वारा कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया जा सका है और भौतिक विसंगति व विरोधाभास है। यहां तक कि प्राथमिकी दर्ज करने में भी अनुचित देरी हुई और अस्पष्टता थी।"  
 

Tunshia Suicide Case: तुनिशा के चाचा ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल, बोले- मौत लव जिहाद की वजह से...

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed