80 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस माला सिन्हा ने फिल्म इंडस्ट्री को कई हिट फिल्में दीं । माला सिन्हा उस जमाने में दर्शकों के दिलों पर राज करती थीं। उन्होंने पांच दशक तक सिनेमा जगत में काम किया। माला सिन्हा 11 नवंबर को अपना जन्मदिन मनाती हैं । उनका जन्म नेपाल में हुआ था। शुरुआती दौर में जब वो एक बॉलीवुड प्रोड्यूसर से मिलीं तो उन्होंने माला की खूब बेइज्जती की थी।
प्रोड्यूसर ने कहा कि पहले शीशे में जाकर अपना चेहरा तो देखो, ऐसी भद्दी नाक को लेकर हीरोइन बनने का सपना देखती हो। लेकिन इसके बाद भी माला ने बॉलीवुड में अपना सिक्का जमा ही लिया। माला के पिता अल्बर्ट सिन्हा बंगाल से थे। इसी कारण लोग उन्हें नेपाली-भारतीय बाला कहते थे।
उनकी मां नेपाल की रहने वाली थीं। माला के बचपन का नाम आल्डा था। जब वो स्कूल जाती थीं तो उनके दोस्त उन्हें डालडा कहकर पुकारते थे। वहीं माला के माता-पिता उन्हें बेबी कहते थे। इसलिए कई दोस्त उन्हें डालडा सिन्हा तो कई बेबी सिन्हा कहने लगे। माला को ये दोनों ही नाम बिलकुल पसंद नहीं थे। इसलिए उन्होंने अपना नाम बदलकर माला सिन्हा रख लिया। आइए जानते माला को कैसे मिली उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म...
माला एक बंगाली फिल्म के सिलसिले में मुंबई आई थीं। यहां उनकी मुलाकात अपने जमाने की फेमस एक्ट्रेस गीता बाली से हुई। उन्होंने ही माला को डायरेक्टर केदार शर्मा से मिलवाया। केदार शर्मा को माला बहुत पसंद आईं और उन्होंने अपनी फिल्म 'रंगीन रातें' में बतौर अभिनेत्री काम दिया।
कहा जाता है कि माला सिन्हा को बॉलीवुड में स्थापित करने वाले केदार शर्मा ही हैं। फिल्मों में काम करने से पहले माला रेडियो के लिए गाती थीं। माला बेहद खूबसूरत थीं इसलिए किसी ने उन्हें फिल्मों में काम करने की सलाह दी। सलाह मानकर माला मुंबई आ गईं। यहां उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा।