अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के द्वारा एक्टर नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न का आरोप धीरे-धीरे राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। बॉलीवुड के कई सितारे जहां तनुश्री के समर्थन में आए तो वहीं मनसे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) के जिलाध्यक्ष सुमंत धस ने अभिनेत्री के खिलाफ बीड़ जिले में स्थित केज पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई है। अब तनुश्री-नाना पाटेकर मामले में महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री का बड़ा बयान आया है।
मीडिया में चल रही खबरों की मानें तो हाल ही में मंत्री दीपक केसरकर ने एक्टर नाना पाटेकर का समर्थन करते हुए तनुश्री दत्ता के यौन उत्पीड़न खुलासे को केवल एक पब्लिसिटी स्टंट करार दिया है। वहीं दूसरी ओर दीपक केसरकर ने यह भी भरोसा दिलाया है कि अगर इस मामले में शिकायत दर्ज होती है तो पुलिस अपना काम निष्पक्ष और ईमानदारी से करेगी।
गृह राज्य मंत्री ने तनुश्री पर सवाल भी दागे हैं। दीपक केसरकर ने तनुश्री पर सवाल दागते हुए कहा है- 'अगर 10 साल पहले नाना पाटेकर ने एक फिल्म के सेट पर उनके साथ कुछ गलत व्यवहार किया था तो उन्होंने तभी एफआईआर दर्ज क्यों नहीं करवाई।' दीपक केसरकर ने यह भी कहा है कि पुलिस और सरकार पूर्वाग्रह या पक्षपातपूर्ण रूप से काम नहीं करेगी। क्योंकि कानून के सामने सभी लोग बराबर हैं। न्याय में पार्दशिता बनी होनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर दीपक केसरकर ने इस मामले में नाना पाटेकर का समर्थन भी किया है। दीपक केसरकर ने उनका समर्थन करते हुए कहा है कि नाना पाटेकर सिर्फ एक एक्टर ही नहीं बल्कि जाने-माने समाजसेवी भी हैं। उन्होंने समाज के बदलाव के लिए कई काम किए हैं। दीपक का मानना है कि तनुश्री दत्ता केवल पब्लिसिटी पाने के लिए नाना पाटेकर पर ऐसे आरोप लगा रही हैं।
आपको बता दें कि अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने पिछले हफ्ते मीडिया के सामने आते हुए कहा कि साल 2008 में एक फिल्म 'हॉर्न ओके प्लीज' के एक आइटम नंबर की शूटिंग के दौरान कलाकार नाना पाटेकर ने यौन उत्पीड़न की कोशिश की थी। वहीं साल 2015 में निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने भी फिल्म 'चॉकलेट' की शूटिंग के दौरान ऐसा ही कुछ किया था।