कहावत है कि सफलता और सुख सभी को एक साथ नसीब नहीं होता। शायद कुछ ऐसा ही था परवीन बॉबी के साथ भी। परवीन को सफलता तो ऐसी मिली जैसी आज तक किसी को नसीब नही हुई लेकिन प्यार और रिश्तों की खोखली नींव ने परवीन बॉबी की जिंदगी को वीरान कर दिया था..इतना वीरान कि वो मानसिक बीमारी का शिकार हो गईं।
महेश भट्ट से लेकर कबीर बेदी तक के साथ परवीन बॉबी का अफेयर रहा। महेश भट्ट के साथ उनका प्यार परवान तो चढ़ा लेकिन मानसिक बीमारी ने उसे भी तोड़ दिया।
महेश भट्ट परवीन बॉबी की स्थिति को लेकर काफी परेशान थे। एक तरफ परवीन अपनी इस बीमारी से तिल-तिल मर रहीं थीं तो वहीं दूसरी और महेश भट्ट को उनकी चिंता खाए जा रही थी। लेकिन एक दिन महेश भट्ट ने परवीन बॉबी की जो हालत देखी उससे वो बुरी तरह हिल गए।
महेश भट्ट के मुताबिक, 'उस दिन जब मैं परवीन के घर गया तो देखा कि वो एक फिल्मी कॉस्ट्यूम में हाथ में चाकू लिए एक कोने में खड़ीं थीं। वो डर से कांप रहीं थीं। परवीन जानवर की तरह लग रही थी। उससे पहले मैंने उसे कभी ऐसे हाल में नहीं देखा। मुझे देखते ही परवीन बोलीं, 'दरवाजा बंद कर दो महेश। वो हमें मारने आ रहे हैं, जल्दी दरवाजा बंद करो।'
'उन शब्दों के साथ ही परवीन के साथ मेरा रिश्ता, प्यार, सुख-दुख और पाप सब खत्म हो गए। मैं पागलपन और मौत को नजरों से नजरें मिलाकर देख रहा था क्योंकि जिस शख्स से मैं प्यार करता था वो मर चुका था और उसी के साथ ही हमारा रिश्ता भी।'
परवीन बॉबी की बीमारी ऐसे लेवल पर जा चुकी थी जहां ठीक होने के चांस बेहद कम थे। बावजूद इसके महेश भट्ट उनका इलाज अच्छे से अच्छे डॉक्टर्स से करवाने लगे। डॉक्टर्स का कहना था कि उन्हें ठीक करने के लिए इलेक्ट्रिक शॉक देने होंगे। लेकिन महेश भट्ट परवीन को इलेक्ट्रिक शॉक देने के सख्त खिलाफ थे। वे किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं चाहते थे। तमाम इलाज के बावजूद परवीन की ये बीमारी ठीक होने का नाम नहीं ले रही थी..और इस तरह वो जिंदगी भर तड़पती रहीं और आखिर में दर्दनाक अंत मिला।