हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में शुमार मधुबाला का आज जन्मदिन है। वैलेंटाइन डे को जन्मीं मधुबाला बेहद रोमांटिक थीं। उनका दिल इतना मासूम था कि हर किसी पर आ जाता था। आज हम आपको बताने जा रहे हैं उनकी दस फिल्मों के किस्से जिसने दर्शकों के दिलों में आग लगा दी थी।
मुगल-ए-आजम
मधुबाला की बेस्ट फिल्मों में सबसे पहले नाम आता है मुगल-ए-आजम का। मुगल-ए-आजम 1960 में प्रदर्शित हुई थी। फिल्म अकबर के बेटे शहज़ादा सलीम (दिलीप कुमार) और दरबार की एक कनीज़ नादिरा (मधुबाला) के बीच में प्रेम की कहानी दिखाती है। नादिरा को अकबर द्वारा अनारकली का ख़िताब दिया जाता है। फिल्म में दिखाया गया है कि सलीम और अनारकली में धीरे-धीरे प्यार हो जाता है और अकबर इससे नाखुश होते हैं। अनारकली को कैदखाने में बंद कर दिया जाता है। डायरेक्टर के आसिफ की इस रोमांटिक कहानी ने सबका दिल जीत लिया था।
हाफ टिकट
1962 में आई निर्माता व निर्देशक कालीदास की फिल्म हाफ टिकट में मधुबाला के अपोजिट किशोर कुमार थे। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था। इस फिल्म से ही किशोर और मधुबाला की नजदीकियां बढ़ गई थीं। इस जोड़ी को दर्शकों ने भी खूब पसंद किया था।
हावड़ा ब्रिज
1958 में आई हावड़ा ब्रिज फिल्म में मधुबाला ने अशोक कुमार केे साथ स्क्रीन शेयर किया था। इस फिल्म के गीत उस जमाने में खूब लोकप्रिय हुए और एवरग्रीन की फेहरिस्त में शामिल हुए। इस फिल्म में मधुबाला ने जबरदस्त एक्टिंग की थी।
गेटवे ऑफ इण्डिया
1957 में आई फिल्म गेटवे ऑफ इण्डिया में मधु बाला को भारत भूषण के अपोजिट रखा गया था। हालांकि ये फिल्म कोई ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाई लेकिन मधुबाला ने दर्शकों के बीच अपनी खास जगह इस फिल्म से बना ली थी।