दिग्गज गायिका लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को हुआ था। लता मंगेशकर को स्वर कोकिला के नाम से भी जाना जाता है। लता मंगेशकर ने अपने शुरुआती दिनों में बहुत संघर्ष किया था। लता मंगेशकर एक मध्यमवर्गीय मराठा परिवार में जन्मी थीं। उनके माता पिता ने उनके जन्म के बाद उनका नाम हेमा रखा था। लेकिन पांच वर्ष के बाद उनका नाम बदलकर लता रख दिया गया। लता ने दशकों तक बॉलीवुड पर अपनी आवाज का जादू बिखेरा है। लेकिन उन्होंने इंडस्ट्री में स्थापित होने के बाद भी कोरस गायिका के रूप में काम किया।
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लता मंगेशकर
- फोटो : twitter@mangeshkarlata
इस बारे में खुद लता मंगेशकर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था। उन्होंने बताया था कि बॉलीवुड के दिग्गज संगीतकारों में शुमार अनिल विश्वास ने अचानक ही एक दिन उन्हें कोरस में गाने के लिए कह दिया था। जबकि उस समय तक वो खुद को फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित कर चुकी थीं। फिर भी उन्होंने अनिल विश्वास के कहने पर कोरस गायिका के रूप में काम किया।
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लता मंगेशकर
- फोटो : twitter@mangeshkarlata
अनिल विश्वास एक दिन सुरिंदर कौर का कोई गीत रिकॉर्ड करा रहे थे। संयोग से उस दिन लता मंगेशकर भी वहां मौजूद थीं। तभी अनिल दा ने लता से कोरस में गाने के लिए कहा। लता मंगेशकर बताती हैं कि, अनिल दा ने बड़े प्यार से अधिकारपूर्वक मुझसे कहा 'लतिके ! इधर आओ, तुम कोरस में गाओ। इससे गाना अच्छा हो जाएगा।' लता ने उनकी बात तुरंत मान ली और वो कोरस में गाने लगीं।
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लता मंगेशकर
- फोटो : twitter@mangeshkarlata
लता ने खुद इस वाकये को याद करते हुए बताया था कि, 'दादा ने ना जाने किस मूड में बड़ी प्रसन्नता से यह बात कही थी, तो मुझे भी लगा उनके मन की बात करते हैं। और आप विश्वास करिए कि मुझे उस समय कोरस में गाकर भी उतना ही आनंद आया, जितना की उनके मुख्य स्त्री किरदारों के लिए रचे गए गीतों को गाते हुए होता था।'
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लता मंगेशकर
- फोटो : twitter@mangeshkarlata
लता का अनिल विश्वास की बात को तुरंत मान जाना एक बड़े फनकार का दूसरे बड़े फनकार के प्रति सम्मान का भाव ही था, क्योंकि जब लता मंगेशकर कोरस में गाने के लिए तैयार हुईं तब वह लीडिंग सिंगर के तौर पर स्थापित हो चुकी थीं।
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