35 साल की कटरीना कैफ अपने 16 साल के करियर में सोफिया, सोनिया, सुरैया, फिरदौस सब बन चुकी हैं, बस भारत की कुमुद जैसा किरदार उन्होंने पहले कभी नहीं किया। यह किरदार कटरीना को तब मिला जब प्रियंका चोपड़ा ने ये फिल्म शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले छोड़ दी। भारत के बाद वह अक्षय कुमार की फिल्म सूर्यवंशी में दिखेंगी। कटरीना कैफ से ये खास मुलाकात की अमर उजाला संवाददाता अक्षित त्यागी ने।
हीरोइन बनने को बेताब हर लड़की को पढ़ना चाहिए कटरीना का ये EXCLUSIVE इंटरव्यू
अली अब्बास जफर की फिल्म भारत को जब प्रियंका चोपड़ा ने छोड़ा तो ये फिल्म आपके पास आई, कोई दूसरी खास वजह इस फिल्म को करने की?
प्रियंका के फिल्म छोड़ने का कारण आप पहले से ही जानते हैं, वह इस बात पर पहले ही बयान दे चुकीं है। मेरे पास जब यह स्क्रिप्ट आई तब मैंने बिल्कुल स्वतंत्र रूप से इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मुझे स्क्रिप्ट पढ़ते ही अपने किरदार से प्यार हो गया। मैं तुरंत इस पर काम करना चाहती थी और अपना सर्वोत्तम देना चाहती थी। मुझे लगता है कि हर एक फिल्म का एक निर्धारित सफर होता है। शायद इस फिल्म का सफर यही था।
कैसा रहा एक बार फिर सलमान खान के साथ काम करना ?
मुझे लगता है कि अली, सलमान और मैं, हम सभी इस स्क्रिप्ट पर पूरे मन से काम करना चाहते थे, इतनी पसंद आई हमें ये स्क्रिप्ट। सलमान और मेरी प्रतिक्रिया इस कहानी को लेकर बिल्कुल एक जैसी रही। चुनौती ये थी कि कैसे हम इस स्क्रिप्ट को परदे पर उतारें। अली अब्बास जफर अपनी फिल्मों सुल्तान और टाइगर जिंदा है से एक कदम आगे बढ़ना चाहते थे और इस फिल्म के साथ अली ने वही किया है। मुझे लगता है कि यह मेरे करियर का सबसे बेहतरीन किरदार होगा। ऐसा किरदार हर कामयाब इंसान की जरूरत है।
यह किरदार आपके चाहने वालों लिए क्या नया लाने वाला है?
फिल्म भारत में मेरे किरदार कुमुद का हर पहलू ऐसा है जो पहले मुझ पर कभी नहीं देखा गया। मैं इस बात से खुश हूं कि आज भी अपने करियर में मैं कुछ नया करने का दम रखती हूं। लोग कहते हैं कि मैने अपने करियर में कुछ भी खास नया नहीं किया है इसीलिए मैंने इस किरदार के लिए हामी भरी। यह वो समय है जब मैं नए किरदार करने के लिए बहुत उत्साहित हूं, चाहे फिर वह जीरो की बबीता हो या भारत की कुमुद। कुमुद बहुत ही सीधी साधी लड़की है जो कॉटन और शिफॉन की साड़ियां पहनती है और दिल्ली के एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज में काम करती है।
कुमुद एक ऐसी महिला है जो भारत के साथ हर घड़ी खड़ी है। वह भारत का एक ऐसा सपोर्ट सिस्टम है जो उससे कभी अलग नहीं होता। वह उसकी शक्ति है। कहानी तो भारत की ही है लेकिन कुमुद और सुनील ग्रोवर उसकी पूरी जिंदगी साथ रहते हैं।