संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' विवादों के बीच आखिरकार रिलीज हो गई है। फिल्म को लेकर करणी सेना शुरुआत से ही विरोध कर रही थी। सबसे पहले राजस्थान में चल रही शूटिंग के बीच में ही करणी सेना के कुछ समर्थकों ने फिल्म के डायरेक्टर संजय लीला भंसाली के साथ हाथापाई की थी। उन्हें चांटा भी मारा गया था। फिल्म की शूटिंग को बीच में ही रोक दिया गया था। इसी बीच संजय लीला भंसाली के लिए एक खुशखबरी भी आ गई है। करणी सेना ने ऐलान किया है कि वह अब फिल्म का विरोध नहीं करेंगे। सिर्फ इतना ही नहीं इस बात का हवाला उन्होंने एक चिठ्टी के माध्यम से दिया है। लेकिन अब सवाल यह आता है कि आखिर अचानक करणी सेना के तेवर ठंडे कैसे पड़ गए।
आपको बता दें कि फिल्म करणी सेना के भारी विरोध-प्रदर्शन के बीच 25 जनवरी को सिनेमाघरों में लगी थी लेकिन दर्शकों को यह फिल्म बेहद पसंद आई और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म में जिस बात को लेकर विरोध किया जा रहा है ऐसा फिल्म में कुछ भी देखने को नहीं मिला। इन सबके बावजूद भी करणी सेना को विश्वास नहीं हो रहा था और वह लोग विरोध चलाए जा रहे थे। गुरुग्राम में एक स्कूल बस पर भी हमला किया गया था। हालांकि करणी सेना ने कहा था कि यह हमला उनकी तरफ से नहीं हुआ है। इसके बाद 26 जनवरी 2018 को भी पद्मावत को लेकर कोई विरोध नहीं किया गया क्योंकि गणतंत्र दिवस को देखकर दे के लिए सम्मान जारी रहा।
वहीं, श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना- महाराष्ट्र के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह कटार ने चिठ्टी में यह खुलासा किया है कि उन्होंने फिल्म 'पद्मावत' 2 फरवरी 2018 को देख ली है। फिल्म देखने के बाद उन्होंने कहा कि मां पद्मावती के किरदार को बेहद खूबसूरती से उतारा गया है। इतना ही नहीं फिल्म में रानी पद्मावती की महानता को भी दर्शाया गया है। योगेंद्र सिंह कटार ने ये भी साफ किया कि फिल्म में रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच किसी भी तरह का कोई सीन नहीं है और ऐसा कुछ नहीं है जो राजपूत समाज के इतिहास और भावनाओं को ठेस पहुंचाए। उन्होंने आंदोलन वापस लेने की मांग की है।
वहीं योगेंद्र ने इस बात का आश्वासन भी दिया है कि फिल्म को राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार और गुजरात में रिलीज करने में सहयोग किया जाएगा। बहरहाल, फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भारी हंगामे के बीच 150 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर ली है। आपको बता दें कि फिल्म का विरोध करने वाले और एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण की नाक काटने की धमकी देने वाले करणी सेना के नेता सूरजपाल अमू की तबीयत अचानक ही बिगड़ गई थी। उन्हें गुरुग्राम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिसे लेकर ट्विटर पर यूजर्स ने उनका बहुत मजाक भी बनाया था।