फिल्म 'उड़ता पंजाब' और सेंसर बोर्ड के बीच विवाद इन दिनों चल रहा है। 'उड़ता पंजाब' के निर्माताओं और सेंसर बोर्ड के बीच जमकर शब्दों के बाण भी छोड़े जा रहे हैं। फिल्म इंडस्ट्री के ज्यादातर लोग सेंसर को कोस रहे हैं। अब सेंसर को लताड़ने वालों में एक नया नाम कंगना रनौत का जुड़ा है। कंगना ने केन्द्रीय मंत्री के सामने खुलकर अपनी बात कही।
'एक औरत की ब्रा समाज के लिए खतरनाक कैसे हो गई'
कंगना को सीएनएन के एक कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने के बाद उन्होंने सीएनएन का शुक्रिया अदा किया। इस दौरान वहां केन्द्रीय मंत्री अरुण जेटली भी मौजूद थे। कार्यक्रम के बाद एंकर राजीव मसंड ने उनसे पूछा कि उनका 'उंड़ता पंजाब' और सेंसर के बीच चल रहे विवाद पर क्या कहना है? कंगना सेंसर बोर्ड पर बरस पड़ीं। मजादार रहा उनका अपनी ब्रा का किस्सा सुनाना।
'एक औरत की ब्रा समाज के लिए खतरनाक कैसे हो गई'
कंगना ने कहा कि सेंसर की कैंची का शिकार वो भी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म 'क्वीन' में एक सीन में उन्हें ब्रा पहननी थी। सेसंर की कैंची यहां भी चली, उनकी ब्रा को ब्लर करवा दिया गया। कंगना ने कहा कि औरत की ब्रा समाज को कैसे खराब कर सकती है, ये उन्हे आज तक समझ नहीं आया। कंगना इतने पर ही नहीं रुकीं।
'एक औरत की ब्रा समाज के लिए खतरनाक कैसे हो गई'
कंगना ने कहा कि सेंसर बोर्ड को किसी फिल्म को कट लगा-लगा के खत्म कर देने का कोई हक नहीं है। उसका काम सर्टिफिकेट देना है और वही काम उसे करना चाहिए। कंगना ने कहा कि सेंसर को अभिभावक की भूमिका नहीं निभाना चाहिए। 'तनु वेड्स मनु' की अभिनेत्री ने कहा कि ब्रा को ब्लर करने वाले इन लोगों का फिल्म वालों को मिलकर मुकाबला करना चाहिए।
'एक औरत की ब्रा समाज के लिए खतरनाक कैसे हो गई'
कंगना ने इस दौरान वहां मौजूद अरुण जेटली से भी मंच से ही कहा कि सर, सेंसर बोर्ड का रवैया फिल्मकारों के लिए टीक नहीं हैं। इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। कंगना की बात सुनकर जेटली मुस्कुरा दिए लेकिन उनकी बात को अरुण टाल नहीं सके। ये तब दिखा जब जेटली मंच पर आए।