तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर विवाद के बाद #MeToo अभियान लगातार चर्चा में बना हुआ है। बॉलीवुड एक्ट्रेस कल्कि केकलां ने तनुश्री का समर्थन किया है। साथ ही कल्कि का कहना है कि वह खुद भी इस तरह की चीजों का सामना कर चुकी हैं। कल्कि केकलां का कहना है कि अभिनेताओं के लिए अंतरंग दृश्यों की शूटिंग से पहले एक दूसरे पर भरोसा करना बेहद जरूरी है और वह मानती हैं कि इस चलन को फिल्म उद्योग में अनिवार्य किया जाना चाहिए।
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kalki koechlin
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कल्कि ने कहा कि उन्होंने कुछ अभिनेताओं से मिले बिना ही उनके साथ अंतरंग दृश्य किये हैं, जो कि नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जब हम फिल्म के सेट पर होते हैं, तो कोई भी व्यक्ति वास्तव में कोरियोग्राफ किये गये एक्शन सीन को भी करने से घबराता है। कोई भी व्यक्ति 'गलती से' भी अभिनेता के चेहरे पर पंच नहीं करता, तो हम अंतरंग दृश्यों के लिए ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं?’’
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कल्कि कोचलिन
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उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे कई दृश्य हैं जहां मैंने चुंबन दृश्य से पहले अभिनेता से मुलाकात नहीं की। यह समझ में नहीं आता। अभिनेताओं के बीच विश्वास होना चाहिए।’’अभिनेत्री ने ‘टाटा लिटरेचर लाइव’ के 9वें संस्करण में कार्यस्थल पर आचार संहिता के विषय पर एक पैनल चर्चा में हिस्सा लिया। कल्कि का मानना है कि एक व्यक्ति और उद्योग के लिए सामूहिक रूप से जिम्मेदारी लेना बेहद महत्वपूर्ण है।
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कल्कि कोचलिन
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अभिनेत्री कल्कि केकलां का कहना है कि महिलाओं के साथ उत्पीड़न होता है और उन्हें अपना मुंह बंद करने के लिए धमकियां दी जाती हैं। अब महिलाएं अपने डर को खत्म करना चाहती हैं। इस आंदोलन ने यह साबित कर दिया है कि क्या हो सकता है और क्या नहीं। साथ ही कल्कि का कहना है कि महिलाएं जो बोल रही हैं वह सच है अपने साथ हुए व्यवहार की वजह से वह मानसिक तनाव भी झेल रही हैं।
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Kalki
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कल्कि का कहना है उत्पीड़न के कंकाल कोठरी से बाहर आने शुरू हो गए हैं। अब महिलाएं अब साथ हुए हादसों के बारे में बात करने पर शर्मिंदा नहीं है। मीटू आंदोलन ने लोगों को रास्ता दिया है। बता दें कि कल्कि ने कुछ साल पहले ही #MeToo अभियान पर अपनी जिंदगी का सच सबके सामने रखा था। उनका कहना है कि वह बचपन में यौन उत्पीड़न का शिकार हुई हैं। उन्हें इस लड़ाई में बहुत कुछ झेलना पड़ा
