बॉलीवुड में 45 साल तक डायलॉग्स से लोगों को हंसाने वाले अभिनेता कादर खान अंतिम दिनों में अंदर से इतना टूट चुके थे कि भारत छोड़कर कनाडा जाकर बस गए। कादर खान के तीन बेटे हैं। सबसे छोटा बेटा कद्दुस ही कादर खान का ख्याल रखता था। वो इसी बेटे के साथ कनाडा में रहते थे। कादर खान ने अपने दिल के सारे गम फौजिया के साथ शेयर किए थे।
कुछ समय पहले कादर खान ने डायरेक्टर फौजिया अर्शी की फिल्म 'हो गया दिमाग का दही' में काम किया था। फौजिया ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि कादर खान बहुत बीमार रहते हैं, लेकिन उनकी फैमिली उनका बिलकुल भी ख्याल नहीं रखती है। कुछ समय पहले कादर खान की मौत की झूठी खबर फैल गई थी। उन्होंने खुद सामने आकर बताना पड़ा था कि वो जिंदा हैं और सही सलामत हैं।
फौजिया ने बताया कि कादर खान को लगता था कि लोग उन्हें पूरी तरह से भूल चुके हैं। उन्हें कोई भी फोन नहीं करता और ना ही उनका हाल-चाल जानने की कोशिश करता। सिर्फ अमिताभ बच्चन ही उन्हें कॉल करते थे। कादर खान को इस बात का बहुत दुख रहा कि उन्होंने इंडस्ट्री के लिए इतना कुछ किया लेकिन आज तक उन्हें पद्दमश्री जैसे सम्मान का हकदार नहीं समझा गया।
कादर खान का बचपन बड़ी ही गरीबी में बीता। उनके पास पहनने के लिए चप्पल तक नहीं होते थे। बंटवारे के बाद उनका परिवार भारत आकर बस गया था। कादर खान के दो भाई थे जिनका बचपन में ही निधन हो गया था। कादर खान के जन्म के समय उनकी मां मुंबई आ गई थीं। कादर एक इंजीनियरिंग छात्र थे। पढ़ाई पूरी होने के बाद वो सिद्दिकी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में प्रोफेसर हो गए।
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अपने बेटों के साथ कादर खान
कादर खान को अभिनय करना अच्छा लगता है। वो कॉलेज के समय में अभिनय में भाग लिया करते थे। एक बार दिलीप कुमार ने उनका अभिनय देखा और उन्हें बहुत अच्छा लगा। इसके बाद दिलीप कुमार ने कादर खान से अपनी फिल्मों में काम करने के लिए बोला। कादर खान की पहली फिल्म 'दाग' थी। इस फिल्म में कादर खान वकील के रूप में नजर आए थे।