कादर खान को बॉलीवुड में कॉमेडी का अव्वल दर्जे का किंग माना जाए तो कोई गलत नहीं होगा। उनके बारे में ये पांच बड़ी बातें बताने से पहले आपको बता दें कि बीते साल 31 दिसंबर को कनाडा में उनका निधन हो गया और आज उनका अंतिम संस्कार होना है। उनके निधन से देशभर में गम का माहौल है और उनके साथ फिल्मों में काम करने वाले को-स्टार भी इस निधन से बेदह सदमे हैं। आइए जानते हैं कॉमेडी के सरताज रहे कादर खान के बारे में ये 5 बड़ी बातें...
बता दें कि कादर खान बेहद गरीबी में पढ़े थे। कादर खान का बचपन काफी गरीबी में रहा। यहां तक कि वह झोपड़ी में भी रहे। कहा जाता है कि पैरों में पहनने के लिए उनके पास चप्पल तक भी नहीं हुआ करती थी। जब भी कादर खान की मां उनके गंदे पैर देखती थीं तो समझ जाती थीं कि वह मस्जिद नहीं गए। कादर खान के पहले ड्रामे में एक्टिंग देखकर एक बुजुर्ग ने उन्हें 100 रुपए का नोट दिया था। कुछ साल तक तो कादर खान ने इस नोट को अपने पास रखा लेकिन बाद में गरीबी की वजह से खर्च उन्हें अपनी पहली कमाई खर्च करनी पड़ी। फिल्मों में एक्टिंग के अलावा कादर खान लेखक भी थे। उनका मानना था कि अच्छा लेखक बनने के लिए जिंदगी में बहुत दुख से गुजरना जरूरी है।
कादर खान का परिवार अफगानिस्तान से भारत आया था। कादर खान के पिता अब्दुल रहमान खान कंधार के थे और मां इकबाल बेगर पिशिन की रहने वाली थीं। कादर खान के जन्म से पहले उनका परिवार काबुल में रहता था लेकिन तीन बड़े भाइयों की मौत के बाद कादर खान के माता-पिता घबराकर उन्हें लेकर मुंबई में रहने लगे।
कादर खान कई भाषाओं के अच्छे जानकार थे और दूर से बिना आवाज सुने भी वह लिप रीडिंग करने में सक्षम थे। बात करें उनके वर्क फ्रंट की तो कादर साल 1973 में पहली फिल्म 'दाग' में नजर आए थे। इस फिल्म में कादर खान वकील की भूमिका में थे। गौरतलब है कि कादर के कॉलेज ड्रामा में किए गए काम से दिलीप कुमार इतने इंप्रेस हुए थे कि उन्होंने कादर खान को दो फिल्मों 'सगीना' और 'बैराग' के लिए तुरंत साइन कर लिया था।
कादर ने पढ़ाई कैसे की थी, यह भी बेहद रोचक किस्सा है। अफगानिस्तान में पैदा होने के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई और काम भारत में किया। स्कूल की पढ़ाई करने के बाद कादर खान ने बॉम्बे यूनिवर्सिटी की इस्माइल युसूफ कॉलेज से पढ़ाई की। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग की लेकिन आपको बता दें कि कादर खान फिल्मों में आने से पहले प्रोफेसर थे।