आमिर खान के भतीजे इमरान खान को क्या दर्शक अब कभी पर्दे पर नहीं देख सकेंगे? जानकारों की मानें तो जवाब हां है। 'जाने तू या जाने ना', 2008 में आई 'हेट लव स्टोरीज', 2010 में आई 'डेल्ही बेलीट, 2011 में आई टमेरे ब्रदर की दुल्हनट जैसी फिल्मों के बाद उनकी आखिरी पांच फिल्में इतनी बुरी तरह फ्लॉप हुईं कि एक्टिंग करिअर पटरी से उतर गया। निर्माता-निर्देशकों ने उनसे किनारा कर लिया। खुद इमरान की मन:स्थिति यह हुई कि उन्होंने एक्टिंग छोड़कर निर्देशन में उतरने का मन बना लिया।
सूत्र खबर लाए हैं कि इमरान का आत्मविश्वास विफलताओं की वजह से इतनी बुरी तरह से डगमगाया कि उन्होंने पिछले साल ऑफर हुई 'बत्ती गुल मीटर चालू' में तक काम करने से इंकार कर दिया। उनकी जगह शाहिद कपूर आए। मीडिया में आई खबरों की मानें को 'रोशनी' नाम से मूल कहानी लिखने वाले विपुल रावल ने यह फिल्म सबसे पहले इमरान को ऑफर की थी। उस समय विपुल निर्माता प्रेरणा अरोड़ा के साथ 'रोशनी' की बात कर रहे थे और उनकी योजना फिल्म डायरेक्ट करने की थी।
उन्होंने इमरान को कहानी सुनाई और वह इससे संतुष्ट थे। परंतु नियति को कुछ और मंजूर था। इमरान ने मन बाद में बदला और विपुल से कहा कि वह खुद निर्देशक बनने जा रहे हैं। आगे एक्टिंग करने का उनका इरादा नहीं है। तब विपुल कहानी को लेकर जॉन अब्राहम से मिले। परंतु जॉन और प्रेरणा में फिल्म 'परमाणु' को लेकर झगड़ा हुआ और 'रोशनी' की कहानी फाइल में बंद हो गई।
कुछ समय बाद विपुल की यह कहानी प्रेरणा अरोड़ा ने 'टॉयलेट: एक प्रेमकथा' के निर्देशक श्रीनारायण सिंह को सौंप दी। जिन्होंने इसे अपने राइटरों की टीम सिद्धार्थ-गरिमा से कुछ परिवर्तनों के साथ लिखवाया। इसमें शाहिद कपूर को लिया। लेखक-निर्देशक के रूप में इमरान क्या कर पाएंगे यह जल्द ही सबको पता चल जाएगा।
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इमरान खान
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सूत्रों के अनुसार 20 सितंबर को निर्देशक के रूप में इमरान की पहली शॉर्ट फिल्म 'मिशन मार्स: कीप वॉकिंग इंडिया' डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो रही है। इसका निर्माण करन जौहर ने किया है। फिल्म में प्रकाश बेलवाडी, अभिषेक साहा और सोनाली सचदेव ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।