ऐसा भारत में ही हो सकता है कि कोई आईआईटी से निकला छात्र आपको सड़कों पर पापड़ बेचता नजर आ जाए, ठीक ऐसा ही सुपर 30 के संचालक आनंद कुमार के जीवन में हो चुका है। जी हां, आनंद कुमार ने जब सरकारी नौकरी को ठुकरा कर गरीब बच्चों को पढ़ाने को ही अपने जीवन का ध्येय बनाया तो एक समय उनके जीवन में ऐसा भी आया कि उन्हें अपने मां के हाथ के बने पापड़ बेचने के लिए फेरी लगानी पड़ी।
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Hrithik Roshan
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आनंद के जीवन का यह दौर फिल्म सुपर 30 में फिल्माने के लिए ऋतिक रोशन ने ठीक उसी माहौल में जाकर पापड़ बेचे जिस घुटन में आनंद कुमार ने अपने जीवन के ये दिन बिताए। सुपर 30 की मेकिंग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि पापड़ बेचने के ये दृश्य राजस्थान की भीषण गर्मी में पिछले साल फिल्माए गए थे।
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इस दृश्य के लिए ऋतिक को पापड़ बेचने वाला जैसा दिखाने का संघर्ष भी कम नहीं था। ऋतिक को पापड़ बेचने वाले जैसा दिखाना बहुत बड़ी चुनौती थी। और, इस खास दृश्य के लिए ऋतिक का कम से कम 10 बार लुक टेस्ट लिया गया। उनको धूप में तपा हुआ तो दिखाना ही था, फिल्म का ये सीन भी चिलचिलाती गर्मी में खुले में शूट करना था।
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इस दृश्य की याद करते हुए ऋतिक रोशन कहते हैं, ‘यह दृश्य मेरे करियर की अब तक की फिल्मों के कुछ सबसे कठिन दृश्यों में से एक है। शूटिंग का समय, वहां की जगह और वहां का तापमान कुछ भी वैसा नहीं था, जिसका मैं आदी हो चुका हूं। और, ये तकलीफ सिर्फ मेरी ही नहीं थी बल्कि यह दृश्य शूट कर रही पूरी टीम को इन हालात से गुजरना पड़ा।'
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ऋतिक रोशन ने आगे कहा, 'आनंद कुमार जैसा दिखने के लिए होने वाली दिक्कतों में सहज रहना ही मेरी चुनौती थी और पूरी टीम ने इसमें मेरी मदद की। आनंद कुमार के जीवन पर लिखी ये कहानी पढ़ते समय सबसे ज्यादा कष्ट मैंने यह दौर समझते हुए ही महसूस किया था। आनंद के जीवन का यह निर्णायक मोड रहा और इसी के बाद आनंद कुमार वह बने जो वह आज हैं।’