इसी महीने (सितंबर) की 14 तारीख को हिंदी दिवस आ रहा है। ऐसे में बात करेंगे उन 5 बॉलीवुड फिल्मों की जिसमें हमारी मातृभाषा हिंदी को बहुत ही महत्व दिया गया। लेकिन पिछले 10 सालों से बॉलीवुड में हिंदी के हालात कुछ ठीक नहीं है। नई पीढ़ी फिल्मों में ज्यादातर अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल कर रही है..तो ऐसे में जानते हैं उन 5 फिल्मों के बारे में जिन्होंने हिंदी सिनेमा में बचाई हिंदी भाषा की लाज...
इंग्लिश विंग्लिश
साल 2015 में बड़े परदे पर लगी फिल्म इंग्लिश विंग्लिश में हिंदी के मजबूत पक्ष को दिखाने की पूरजोर कोशिश की गई है। फिल्म की कहानी एक ऐसी महिला पर आधारित है जो विदेश में अंग्रेजी भाषा बोलने पर डगमगाती है। ऐसे में उसके बच्चे उसे स्कूल में होने वाली अभिभावकों की बैठक में लेने जाने में शर्मिंदगी महसूस करते हैं। बता दें कि इस किरदार को अभिनेत्री श्रीदेवी ने निभाया है।
हिंदी मीडियम
पिछले साल मई 2017 में सिनेमाघरों में लगी फिल्म 'हिंदी मीडियम' में भी हिंदी भाषा पर बल दिया गया है। फिल्म में इरफान खान और पाकिस्तानी अभिनेत्री सबा कमर ने मुख्य किरदार निभाया है। फिल्म में इरफान खान कम पढ़े लिखे होते हैं और अपने बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाने के लिए इधर-उधर भटकते हैं। बता दें कि फिल्म में इरफान की अंग्रेजी भाषा पर पकड़ कम होती है। फिर भी उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में दाखिला दिलवा ही देते हैं।
नमस्ते लंदन
बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार साल 2007 में फिल्म नमस्ते लंदन में नजर आए। फिल्म में हिंदी सभ्यता और हिंदी समाज की कहानी को पेश करने वाले अक्षय कुमार ने फिल्म में फिरंगियों को करारा जवाब दिया। फिल्म में अक्षय ने हिंदी भाषा और सभ्यता को लेकर दुनिया में गर्व से सिर ऊंचा हो जाए ऐसा भाषण दिया था।
गोलमाल
बॉलीवुड में हिंदी भाषा के महत्व को शुरुआती दौर से समझाया जा रहा है। इस कड़ी में बात करेंगे साल 1979 में आई फिल्म गोलमाल की। फिल्म ने लोगों के बीच खूब नाम कमाया और फिल्म में मुख्य किरदार में नजर आए अभिनेता अमोल पालेकर भी सफल साबित हुए। इस फिल्म में हिंदी की दुर्दशा और महत्व को बहुत ही बारिकी से समझाया गया है। फिल्म में उनके साथ उत्पल दत्त, बिन्दिया गोस्वामी, दीना पाठक, ओम प्रकाश, युनुस परवेज और।