बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म निर्माता प्रेरणा अरोड़ा को अदालत की अवमानना का दोषी पाते हुए उन्हें छह महीने के कारावास की सजा सुनाई है। 'रुस्तम', 'टॉयलेट एक प्रेम कथा' और 'पैडमैन' जैसी फिल्मों का निर्माण कर चुकी प्रेरणा को कोर्ट ने आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में 2 मार्च से पहले कारावास की सजा काटने के लिए आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।
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प्रेरणा अरोड़ा
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यह आदेश गॉथिक एंटरटेनमेंट द्वारा क्रिअर्ज एंटरटेनमेंट और उसके निदेशकों प्रेरणा और प्रोतिमा अरोड़ा के खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही के चलते आया है। कोर्ट के समक्ष हुए एक समझौते के तहत अरोड़ा के प्रोडक्शन हाउस की तरफ से गॉथिक एंटरटेनमेंट को 25 करोड़ रुपये का भुगतान करना था। हालांकि क्रिअर्ज एंटरटेनमेंट 2.5 करोड़ रुपये की दो किस्तों को भरने में विफल साबित हुआ। किस्तों का चेक भी बाउंस हो गया जिसके बाद गॉथिक इस मसले के हल के लिए उच्च न्यायालय पहुंच गया।
इस साल 5 फरवरी को गॉथिक एंटरटेनमेंट की ओर से बताया गया कि प्रेरणा अरोड़ा ने किस्तों का भुगतान नहीं किया है। इसके बाद न्यायाधीश ने एक नोटिस जारी करते हुए प्रेरणा से पूछा कि उनके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाही क्यों ना की जाए। हालांकि प्रेरणा ने नोटिस का जवाब देने की भी जहमत नहीं उठाई। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि उन्होंने भुगतान के झूठे आश्वासन देकर अदालत और गॉथिक एंटरटेनमेंट को भ्रमित करने की कोशिश की है।
गौरतलब है कि इस मामले में प्रेरणा आठ महीने जेल में भी रह चुकी हैं। उनपर कई फाइनेंसर ने धोखाधड़ी और पैसे वापस नहीं लौटाने का आरोप लगाया था। प्रेरणा अरोड़ा का मामला तब ज्यादा उछला जब निर्माता वासु भगनानी ने प्रेरणा के खिलाफ नोटिस भेजा। भगनानी ने प्रेरणा से तुरंत 31.6 करोड़ वापस करने की मांग की। चार्टशीट से खुलासा हुआ था कि प्रेरणा ने कई फाइनेंसर्स से पैसे लिए थे।
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prerna arora
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अदालत की अवमानना संबंधी आदेश न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी ने 24 फरवरी को प्रेरणा को जारी किया था। हालांकि प्रेरणा के अपील किए जाने के बाद कोर्ट ने यह तारीख बढ़ाकर 23 मार्च कर दी है। कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा है कि अगर वह आत्मसमर्पण करने में असफल होती हैं तो पुलिस गैर जमानती वारंट जारी करे। कोर्ट का यह आदेश शनिवार को कोर्ट की वेबसाइट के माध्यम से साझा किया गया।