नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला युसूफजई के जीवन पर फिल्म ‘गुल मकई’ बनाने वाले निर्देशक अमजद खान इन दिनों कोलकाता प्रवास पर हैं। वह शहर की गलियों में भटकते हुए तमाम ऐसे संस्मरण जुटा रहे हैं जिनको एक कहानी की शक्ल में पिरोकर वह एक वेब सीरीज बना सकें। इस वेब सीरीज में कभी पश्चिम बंगाल की राजनीति की धुरी रहे वामपंथी दलों के उत्थान और पतन की कहानी दिखाई जाएगी।
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तांडव
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
निर्माता निर्देशक अली अब्बास जफर की पहली वेब सारीज ‘तांडव’ दरअसल दिल्ली की छात्र राजनीति के राष्ट्रीय राजनीति में दबदबे की कहानी है। सीरीज का पहला सीजन इसकी भूमिका बनाने के साथ ही खत्म होता है। ये सीरीज अपने कथित हिंदू विरोधी कथानक को लेकर हुए विवाद के कारण ज्यादा चर्चा में रही है और इस सीरीज की असल अंतर्धारा पर ढंग से बहस हो ही नहीं सकी। अली ने ‘अमर उजाला’ को सीरीज की शूटिंग के दौरान बताया था कि इस सीरीज के जरिए वह भारतीय राजनीति में युवाओं को भ्रमित कर उन्हें गुमराह करने की कोशिशों पर से पर्दा उठाने वाले हैं।
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ज्योति बसु की रैली
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अली जैसा ही कुछ करने की कोशिशों में अमजद खान भी लगे हुए हैं। वह बताते हैं, ‘पश्चिम बंगाल की पिछले सदी के आठवें दशक की राजनीति बहुत रोचक है। इमरजेंसी लगने से पहले और इमरजेंसी हटने के बाद पश्चिम बंगाल ने देश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाई। ज्योति बसु के कार्यकाल में पूरे देश की छात्र राजनीति को कलकत्ता से दिशा मिलती रही है। मेरा शोध का विषय फिलहाल ये कालखंड ही है।’
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ममता बनर्जी
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
पश्चिम बंगाल में इन दिनों विधान सभा चुनाव का हल्ला मचा हुआ है। मुंबई से तमाम और फिल्मकार भी इस माहौल को समझने परखने और इनकी शूटिंग करने के लिए कोलकाता और दूसरे शहरों में डेरा जमाए हैं। ऐसे ही एक फिल्मकार अभिरंजन इस पूरे चुनाव में महिलाओं की भूमिका पर एक डॉक्यूमेंट्री बना रहे हैं। वह बताते हैं, ‘बंगाल की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बहुत अहम रही है। इस बार का चुनाव ये भी तय करने वाला है कि बंगाल के भविष्य में महिलाओँ का कितना योगदान रहेगा।’ अमजद भी ऐसे ही कुछ सूत्र सत्तर के दशक की छात्र राजनीति में तलाश रहे हैं।
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अमजद खान
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
निर्देशक अमजद खान की फिल्म ‘गुल मकई’ साल 2012 में बननी शुरू हुई थी। पहले इस फिल्म में मलाला का किरदार करने के लिए एक बांग्लादेशी किशोरी का चयन किया गया था। लेकिन उग्रवादियों की धमकी के बाद उसके परिवार ने फिल्म में अपनी बेटी के अभिनय करने से मना कर दिया। इसके बाद अमजद ने मुंबई की ही एक टीवी कलाकार रीम शेख को इस रोल में लिया। ये फिल्म पिछले साल जनवरी में रिलीज हुई।