सिडी नौमन का उपन्यास 'वन थाउसैंड एंड वन नाइट' पूरी दुनिया में चर्चित है। आज से बरसों पहले जिस अंदाज से उन्होंने इस कहानी को बयां किया वह लंबे समय तक दुनिया के जहन पर छाई रही। दरअसल, ये कहानी थी ही इतनी रोचक कि जो कोई सुनता वो इसे महसूस करने लगता। कहानी में एक जादूई गोले के साथ 'जिन्न' की तलाश की गई और उसे असल दुनिया में बुलाया गया। हम में से बेहद कम लोग ये बात जानते होंगे कि 'जिन्न' के कई किस्से-कहानियां अरब देशों में भी प्रचलित हैं लेकिन वहां इसे जिन्न नहीं बल्कि 'घुल' कहकर पुकारा जाता है। अंग्रेज लोग इसे 'GHOUL' कहते हैं। प्राचीन कथाओं में इस शब्द का प्रयोग एक मरे हुए राक्षस के लिए किया जाता है। पैट्रिक ग्राहम ने 'GHOUL' को प्राचीन उपन्यासों से निकालकर एक वेब सीरिज फिल्म का रूप दिया है। अगर आपको हॉरर फिल्मे देखना पसंद है तो ये फिल्म आपके लिए ही है। नेटफ्लिक्स (Netflix) पर 24 अगस्त 2018 से तीन सीरीज में ‘घुल’ फिल्म आपको देखने को मिलेगी। ये फिल्म आपको डर का एहसास कराएगी।
कुल मिलाकर इस फिल्म में वो छाप है जो मॉर्डन हॉरर क्लासिक मानी जाती हैं। अपनी अदाकारी से लोगों को अपना दीवाना बनाने वाली एक्ट्रेस राधिका आप्टे (निदा रहिम) मुख्य भूमिका में नजर आएंगी जबकि उनके साथ एक्टर मानव कौल (कर्नल डकुना) दिखाई देंगे। वहीं फिल्म में 'घुल' यानी जिन्न का रोल निभा रहे हैं महेश बलराज (अलि सईद)। ‘घुल’ ऐसी पहली वेब सीरीज होगी जो हॉरर कहानी पर आधारित है। यह सीरीज एक कैदी के जेल जीवन की कहानी है जिसकी पूरी दुनिया में लाइव-स्ट्रीमिंग की जाएगी। कहानी कुछ यूं है कि अलि सईद नामक एक कैदी रिमोट सैन्य पूछताछ केंद्र (Remote Military Interrogation Centre) में लाया जाता है। यहां उससे पूछताछ में जीवन की कुछ शर्मनाक कहानियों का रहस्य खुलता जाता है। यूं तो 'घुल' में कई हॉरर सीन दिखाए गए हैं, लेकिन हम आपको फिल्म के पांच सबसे अधिक डरावने सीन्स के बारे में बताने जा रहे हैं। इनके बारे में जानकर यकीनन फिल्म को लेकर आपकी रोचकता बढ़ जाएगी।
'घुल' फिल्म में पहला डरावना सीन उस समय आता है जब आतंकवादी अलि सईद को पकड़ने के लिए फौजी एक बंकर में छापामारी करते हैं। वहां का जो नजारा उनकी आंखों के सामने आता है उसे देखकर सारे फौजी दहशत के मारे कांपने लगते हैं। फिर भी वह हिम्मत जुटाकर आगे बढ़ते हैं।आखिर में उन्हें एक कमरा नजर आता है। कमरे में लाशों के ढेर नजर आते हैं जिनके बीच कुर्सी पर अलि सईद बेहोशी की हालत में बैठा होता है। जैसे ही फौजी अलि सईद के पास पहुंचकर जांचते हैं कि उसकी सांसें चल रही हैं या नहीं अचानक ही अलि सईद जाग जाता है और फिर...
फिल्म का दूसरा खतरनाक सीन तब आता है जब अलि सईद को पूछताछ के लिए एक खुफिया सैन्य केंद्र में लाया जाता है। यहां पर सेल में बंद कैदियों को जब ये पता चलता है कि यहां अलि सईद को लाया जा रहा है तो सबके सब बुरी तरह कांप जाते हैं। जेल में आने के बाद जब वैन का दरवाजा खोलकर अलि सईद को नीचे उतारा जाता है तो पास खड़े पुलिस के कुत्ते भी भौंकना बंद कर देते हैं। सबसे खास बात ये है अलि सईद को देर रात जेल में लाया जाता है।
‘घुल’ में आपको शानदार हॉरर विजुअल्स इतने कमाल के लगेंगे कि आप सोच भी नहीं सकते। फिल्म का तीसरा खतरनाक हॉरर सीन तब आता है जब राधिका आप्टे यानी निदा रहीम को जब ये जानकारी लगती है कि अलि सईद के अंदर जिन्न बसता है और वो एक आम इंसान नहीं बल्कि मॉन्सटर है। राधिका को जेल में बंद एक मौलवी के जरिए यह बात पता चल जाती है। उसे पता चल जाता है अलि सईद जिस भाषा का इस्तेमाल करता है वो पैगम्बर से भी पहले की है जबकि मौलवी बचपन से अलि सईद को जानता है कि उसे पैगम्बर से पहले की जुबान बोलनी नहीं आती थी।