असल जिंदगी की कहानी पर आधारित अनुराग कश्यप की फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' दर्शकों को बेहद पसंद आई थी। फिल्म ने ओपनिंग वीकेंड में ही 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कर लिया था। यह फिल्म अनुराग कश्यप अभी तक की सबसे सफल फिल्मों में से एक रही है। दो भाग में बनी यह फिल्म साल 2012 में रिलीज हुई थीं और इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह कान में भी सराहना मिली थी। इस फिल्म को रिलीज हुए 7 साल हो चुके हैं। इस मौके पर आइए आपको बताते हैं इस फिल्म से जुड़ी कुछ रोचक बातें।
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Gangs of wasseypur
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इसी फिल्म से नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने करोड़ों दिलों में जगह बनाई थी। गैंग्स ऑफ वासेपुर की कहानी जीशान कादरी ने लिखी थी जिनका ताल्लुक वासेपुर से ही है। फिल्म के किरदार और उनके डायलॉग को दर्शकों ने बहुत पसंद किया। फिल्म में मनोज बाजपेई, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, पंकज त्रिपाठी, हुमा कुरैशी, ऋचा चड्ढा जैसे अभिनेताओं ने काम किया था।
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इस फिल्म के एक सीन में नवाज हुमा कुरैशी के साथ डेट पर जाते हैं और उनके हाथ को छूने की कोशिश करते हैं इस पर हुमा कहती है, 'ये कोई अच्छी बात है, पहले परमिसन लेनी चाहिए न?' दरअसल ये किस्सा नवाज की असल जिंदगी से लिया गया था। नवाज अपनी गर्लफ्रेंड के साथ डेट पर गए थे। कुछ देर घूमने के बाद वह बोर हो गई तो नवाज को लगा कि शायद उन्होंने उससे कुछ कहा नहीं इसलिए वह बोर हो गई है। नवाज ने उसके हाथ को छुआ तो वो नाराज हो गई और बोली ये गलत है। इस पर नवाज रोने लगे थे। फिल्म में भी यही सीन दिखाया गया था। नवाज ने DNA को दिए इंटरव्यू में ये बात बताई थी।
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फिल्म में पीयूष मिश्रा और तिग्मांशु धूलिया को दो किरदारों के नाम दिए गए थे और उन्हें खुद ही अपने किरदार को चुनना था। पीयूष मिश्रा ने नासिर का तो तिग्मांशु धूलिया ने रमाधीर सिंह का किरदार निभाया था। फिल्म में पंकज त्रिपाठी सुल्तान कुरैशी का किरदार निभाते हुए दिखाई दिए थे। इस रोल के लिए सबसे पहले उनका ऑडिशन लिया गया था।
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फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के डायलॉग बहुत मशहूर हुए थे। 'मारेंगे नहीं कह के लेंगे', 'बेटा, तुमसे ना हो पायेगा', 'बाप का, दादा का, भाई का, सबका बदला लेगा तेरा फैजल', 'ये वासेपुर है, यहां कबूतर भी एक पंख से उड़ता है और दूसरे से अपनी इज़्जत बचाता है। हमारा नाम पर्पेंडिकुलर है। फैजल खान हमारे बड़े भाई हैं हम आपकी दुकान लूटने आए हैं।'