मृणाल सेन ऐसे फिल्मकार थे जिन्होंने अपनी फिल्मों के जरिए भारतीय सिनेमा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई। 14 मई, 1923 को अविभाजित बंगाल के फरीदपुर कस्बे में जन्में मृणाल सेन का बीते साल 30 दिसंबर 2018 को निधन हो गया था। उन्हें समाज की सच्चाई का कलात्मक चित्रण करने के लिए जाना जाता था।
2 of 5
Mrinal Sen
- फोटो : social media
1955 में मृणाल सेन की पहली फिल्म आई थी। फिल्म का नाम रात भोर था। ये फिल्म बंगाल के सुपरस्टार उत्तम कुमार की पहली फिल्म थी। मिथुन चक्रवर्ती ने 1976 में जिस प्रशंसित फिल्म मृगया से अपना डेब्यू किया था और जिसके लिए उन्होंने बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड जीता था वो मृणाल सेन ने ही बनाई थी। उन्हें भी इस फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था।
3 of 5
Mrinal Sen
- फोटो : social media
साल 2005 में भारत सरकार ने मृणाल सेन 'पद्म विभूषण' और 2005 में 'दादा साहब फाल्के' पुरस्कार प्रदान किया था। मृणाल सेन को साल 2000 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने अपने देश का ऊंचा सम्मान ऑर्डर ऑफ फ्रेंडशिप पहनाया था। ये सम्मान पाने वाले वो अकेले भारतीय फिल्ममेकर हैं।
4 of 5
Mrinal Sen
- फोटो : social media
कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने वाले लेखक को समाज की सच्चाई का कलात्मक चित्रण करने के लिए जाना जाता था। उनके फिल्मों में एक अलग बात होती थी। मृणाल सेन में एक खासियत ये थी कि वो फिल्मों के साथ एक्सपेरिमेंट करते रहते थे। इसके अलावा उनकी फिल्मों में समाज के यथार्थ की छवि साफ नजर आती थी।
5 of 5
Mrinal Sen
- फोटो : social media
मृणाल सेन का पहला प्यार सिनेमा नहीं साहित्य था। ‘‘नील आकाशेर नीचे’’, ‘‘भुवन शोम’’, ‘‘एक दिन अचानक’’, ‘‘पदातिक’’ और ‘‘मृगया’’ जैसी फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले सेन देश के सबसे प्रख्यात फिल्म निर्माताओं में से एक समानांतर सिनेमा के दूत थे।