बॉलीवुड में बड़े खलनायकों से खाली हुई जगह को
नवाजुद्दीन सिद्दीकी धीरे-धीरे भर रहे हैं। 'गैंग्स ऑफ वासेपुर-2' की चमक के बाद 2013-14 में 'लंचबॉक्स' और 'मिस लवली' जैसी फिल्मों में मिली गंभीर पहचान से वह तेजी से उभरे और अचानक सलमान खान के अपोजिट 'किक' (2015) में खलनायक बनकर, उन्होंने सबको चौंका दिया। इसके बाद नवाज अलग-अलग भूमिकाएं कर रहे हैं, लेकिन अब उन्हें बड़े ऐक्टर्स के विरुद्ध खड़ा किया जा रहा है।
चाहे 'रमन राघव 2.0' (2016) हो या 'बाबूमोशाय बंदूकबाज' (2017)। जल्द ही उनकी चार साल पुरानी फिल्म 'मानसून शूटआउट' रिलीज होने वाली है। इसमें भी नवाज भाड़े के हत्यारे हैं। इधर, दो और बड़ी फिल्मों में नवाज के हीरो के विरुद्ध खड़े होने की खबरें सुर्खियों में हैं। निर्माता-निर्देशक अनिल शर्मा की 'जीनियस' की शूटिंग चल रही है। जिसमें वह अपने बेटे उत्कर्ष को लॉन्च कर रहे हैं। परंतु जब हीरो के सामने उतने ही 'जीनियस' और 'शातिर विलेन' की बात आई, तो अनिल शर्मा को नवाज से बेहतर विकल्प नहीं सूझा।
यही स्थिति 'कृष 4' की बताई जा रही है। यहां कृष (ऋतिक रोशन) के सामने क्रूर और चालाक विलन की सख्त जरूरत है जो इस सुपरहीरो के सामने शारीरिक-मानसिक रूप से तगड़ी चुनौतियां पेश करे। खबर है कि निर्माता-निर्देशक राकेश रोशन ने नवाज के सामने खलनायक बनने का प्रस्ताव रखा है।
आज नवाज हर उस स्टार की जरूरत बन गए हैं, जो रुपहले पर्दे पर दिमाग से क्रूर और शातिर खलनायक चाहता है। कहा जा रहा है कि नवाज से 'कृष 4' के लिए हां कह दी है। 'रईस' में शाहरुख खुद खलनायक थे, अतः नवाज को ईमानदार इंस्पेक्टर बनाया गया। 'मुन्ना माइकल' और 'बदलापुर' में भी नवाज हीरो के खिलाफ खड़े थे। 'हरामखोर' में भी उनकी भूमिका ऐसी थी, जिससे लोगों ने नफरत की, क्योंकि यहां एक अध्यापक अपनी ही छात्रा को गलत राह पर चलने के लिए बहकाता है।
- माया दर्पण डेस्क