तृणमूल कांग्रेस सांसद नुसरत इन दिनों विवादों में बनी हुई हैं। हाल ही में उन्होंने अपने ब्यॉयफ्रेंड निखिल जैन से शादी की है। शादी के बाद 25 जून को नुसरत पहली बार संसद पहुंचीं और शपथ ली। इस दौरान उनके गले का मंगलसूत्र और मांग का सिंदूर चर्चा का विषय बना। इसी के चलते नुसरत जहां के खिलाफ देवबंद के धर्मगुरुओं ने फतवा जारी कर दिया। उनका कहना है कि मुस्लिम लड़कियों को सिर्फ मुस्लिम लड़कों से ही निकाह करना चाहिए।
इससे पहले मुस्लिम धर्मगुरु असद वसमी ने कहा था, 'जांच के बाद पता चला कि नुसरत ने जैन धर्म के युवक से शादी की है। इस्लाम कहता है कि मुस्लिम की शादी मुस्लिम से होनी चाहिए। नुसरत एक अभिनेत्री हैं और अभिनेता-अभिनेत्री धर्म की फिक्र नहीं करते। जो उनका मन करता है, वही करते हैं। इसी का प्रदर्शन उन्होंने संसद में किया।' नुसरत जहां के पति निखिल कोलकाता के बिजनेसमैन हैं। दोनों ने हाल ही में तुर्की में करीबी रिश्तेदारों और दोस्तों की मौजूदगी में शादी की थी।
नुसरत पहली अभिनेत्री नहीं हैं जिनके खिलाफ फतवा जारी हुआ है।
शाहरुख खान
शाहरुख खान जब सरोगेसी के जरिये तीसरे बच्चे के पिता बनने जा रहे थे। तब उनके खिलाफ फतवा जारी किया गया था।इसमें शाहरुख को शरीयत का गुनहगार ठहराया गया था। साथ ही सरोगेसी से बच्चा पैदा कराने को भी हराम करार दिया था। इतना ही नहीं शाहरुख ने जब अपने घर पर जन्माष्टमी मनाई थी तब भी कुछ धर्मगुरुओं को ये बात पसंद नहीं आई थी। उनका कहना था कि इस्लाम इस बात की इजाजत नहीं देता कि कोई भी मुसलमान अपने घर पर गैर-इस्लामिक त्यौहार मनाए।
सोनू निगम
अप्रैल 2017 में सोनू निगम ने ट्वीट कर कहा था, 'मैं मुस्लिम नहीं हूं और मुझे अजान की आवाज से सुबह उठना पड़ता है। भारत में इस जबरदस्ती की धार्मिकता का अंत कब होगा।' इसके बाद उन्होंने कई ट्वीट कर अपना गुस्सा भी जाहिर किया। सोनू ने मस्जिदों और गुरुद्वारों में इस्तेमाल होने वाले लाउडस्पीकरों को गुंडागर्दी बताया। इसके बाद पश्चिम बंगाल की माइनॉरिटी यूनाइटेड काउंसिल की ओर से उनके खिलाफ फतवा जारी किया गया। काउंसिल के वाइस प्रेसिडेंट सैयद शा अली अल कादरी ने कहा था- जो भी सोनू निगम का मुंडन कर और जूतों की माला पहनाकर देशभर में घुमाएगा, उसे 10 लाख रुपए इनाम दिया जाएगा। इस फतवे पर सोनू निगम की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई थी।
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नाहिद
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नाहिद आफरीन
इंडियन आइडल फेम नाहिद आफरीन के खिलाफ जब एक साथ 46 फतवे जारी किए गए तो सभी हैरान रह गए। फतवा इसलिए जारी किया गया था ताकि उन्हें पब्लिक के बीच गाने से रोका जा सके। फतवे के मुताबिक, "म्यूजिकल नाइट जैसी चीजें शरिया के बिल्कुल खिलाफ हैं। अगर ऐसी चीजें मस्जिद, ईदगाह, मदरसा और कब्रिस्तान के आसपास होने लगीं तो हमारी आने वाली पीढ़ी को अल्लाह की नाराजगी झेलनी पड़ेगी।"